MUZAFFARPUR: उत्तर बिहार के मेडिकल हब कहे जाने वाले जूरन छपरा स्थित एक निजी नर्सिंग होम में मंगलवार को इलाज के दौरान एक 24 वर्षीय महिला की संदिग्ध मौत हो गई। मृतका की पहचान साहेबगंज थाना क्षेत्र की सीमा देवी के रूप में हुई है। परिजनों का आरोप है कि गलत इंजेक्शन देने के 5 मिनट के भीतर महिला ने दम तोड़ दिया। 


महिला की मौत के बाद डॉक्टर और नर्सिंग होम का पूरा स्टाफ क्लिनिक छोड़कर फरार हो गया। घटना के बाद आकर्षित परिजनों ने अस्पताल में जमकर  तोड़फोड़ की सड़क जाम कर हंगामा किया। घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया। 


मृतका के पति सुनील कुमार ने बताया कि वे अपनी पत्नी को मासिक धर्म (पीरियड) से जुड़ी समस्या को लेकर महिला रोग विशेषज्ञ को दिखाने आए थे। डॉक्टर ने कुछ दवाइयां लिखीं और सोनोग्राफी कराने की सलाह दी। सोनोग्राफी से ठीक पहले महिला को एक इंजेक्शन दिया गया। इंजेक्शन लगते ही सीमा की हालत तेजी से बिगड़ने लगी और देखते ही देखते उसकी मौत हो गई। आरोप है कि अस्पताल कर्मियों ने आनन-फानन में शव को एम्बुलेंस में डालकर दूसरे अस्पताल ले जाने का नाटक किया और रास्ते में ही महिला को छोड़कर फरार हो गए।


महिला की मौत की खबर फैलते ही आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने नर्सिंग होम में जमकर तोड़फोड़ की। गुस्साए लोगों ने जूरन छपरा मुख्य मार्ग को जाम कर दिया, जिससे घंटों वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। मृतका के पति ने बताया कि उनके तीन छोटे-छोटे बच्चे हैं, अब उनका क्या होगा? हमें न्याय चाहिए। 


उन्होंने दोषी डॉक्टर को फांसी देने की मांग की। हंगामे की सूचना मिलते ही SDPO विनीता सिन्हा और ब्रह्मपुरा थाना की पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँची। पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद आक्रोशित लोगों को शांत कराया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए SKMCH भेज दिया है।मामले की गंभीरता को देखते हुए FSL (फॉरेंसिक) टीम को बुलाया गया है। 


नगर एसडीपीओ 2 विनीता सिन्हा ने बताया कि एक महिला की निजी अस्पताल में इलाज के दौरान मृत्यु हुई है। परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और FSL टीम जांच कर रही है। फरार डॉक्टर और कर्मियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जा रही है।"