Tirhut township project: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में शहर के आसपास प्रस्तावित तिरहुत टाउनशिप करीब 20,200 एकड़ क्षेत्र में विकसित की जाएगी। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए कोर एरिया और स्पेशल एरिया का निर्धारण कर दिया गया है और इसी आधार पर मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है।
परियोजना के तहत औद्योगिक विकास के लिए लगभग 3,000 से 4,000 एकड़ भूमि चिह्नित की जाएगी। इस क्षेत्र में इंडस्ट्रियल पार्क, लॉजिस्टिक हब और एमएसएमई यूनिट स्थापित किए जाने की योजना है, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के बड़े अवसर सृजित होने की संभावना है।
टाउनशिप का विकास चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा। शुरुआत 800 से 1,200 एकड़ क्षेत्र में की जाएगी, जिसमें प्रारंभिक चरण में लगभग 800 एकड़ में कोर एरिया विकसित होगा। इस क्षेत्र में कॉमर्शियल हब, मॉल, ऑफिस, आईटी पार्क, हाईराइज भवन तथा प्रशासनिक ढांचा विकसित किया जाएगा।
परियोजना में सबसे अधिक क्षेत्र आवासीय विकास के लिए निर्धारित किया गया है। लगभग 8,000 से 9,000 एकड़ में प्लॉटेड कॉलोनी, फ्लैट, अपार्टमेंट और गेटेड सोसाइटी विकसित की जाएंगी, जिसमें विभिन्न वर्गों के लिए आवासीय विकल्प उपलब्ध होंगे।
इसके अलावा 2,500 से 3,000 एकड़ क्षेत्र में पार्क, झील, वॉटर बॉडी और ग्रीन कॉरिडोर विकसित करने की योजना है, जिससे टाउनशिप को पर्यावरण अनुकूल और संतुलित स्वरूप दिया जा सके। इसे नोएडा, गुरुग्राम और चंडीगढ़ जैसे शहरों की तर्ज पर विकसित किया जाएगा।
शिक्षा, स्वास्थ्य और परिवहन सुविधाओं के लिए लगभग 1,500 से 2,000 एकड़ क्षेत्र निर्धारित किया गया है। इसमें स्कूल, कॉलेज, अस्पताल और बस टर्मिनल के साथ-साथ बुनियादी सुविधाएं जैसे बिजली, पानी और ड्रेनेज व्यवस्था विकसित की जाएगी।
वहीं, सड़क और परिवहन नेटवर्क के लिए 2,000 से 2,500 एकड़ क्षेत्र में 4 से 6 लेन की चौड़ी सड़कें, रिंग रोड, साइकिल ट्रैक और फुटपाथ बनाए जाने की योजना है। अधिकारियों के अनुसार आधारभूत संरचना के विकास की प्रारंभिक प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। परियोजना पूरी होने के बाद मुजफ्फरपुर को एक आधुनिक, योजनाबद्ध और बहु-उद्देश्यीय शहरी केंद्र के रूप में नई पहचान मिलने की उम्मीद है।