Bihar Police News : धनतेरस, दीपावली और छठ पूजा को लेकर मुजफ्फरपुर पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कमर कस ली है। त्योहारों के दौरान बाजारों में उमड़ने वाली भीड़, सोने-चांदी की दुकानों पर बढ़ने वाली ग्राहकों की संख्या और शहर की सड़कों पर बढ़ने वाली आवाजाही को देखते हुए पुलिस प्रशासन अलर्ट मोड में है। लेकिन इस तैयारी के बीच पुलिस की रात्रि गश्ती में ही लापरवाही सामने आ गई। सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने खुद सड़क पर उतरे एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा को दो थाना क्षेत्रों में गंभीर खामियां मिलीं। इसके बाद उन्होंने तत्काल कार्रवाई करते हुए दो थानेदारों से स्पष्टीकरण मांग लिया।
आधी रात को सड़क पर उतरे SSP, अचानक थानों में मची हलचल
त्योहारों के दौरान अपराधियों और असामाजिक तत्वों पर लगाम लगाने के लिए मुजफ्फरपुर पुलिस ने विशेष सुरक्षा अभियान शुरू किया है। इसी अभियान के तहत एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा देर रात अचानक शहर के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में निरीक्षण करने निकल पड़े। उनका मकसद सिर्फ कागजों पर तैयार सुरक्षा व्यवस्था देखना नहीं, बल्कि यह जानना था कि रात के समय सड़कों पर पुलिस कितनी मुस्तैद है और गश्ती दल वास्तव में अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं या नहीं।
औचक निरीक्षण के दौरान एसएसपी ने रात्रि गश्ती, पुलिस चेकिंग और सुरक्षा इंतजामों की बारीकी से पड़ताल की। इस दौरान ब्रह्मपुरा और सिकंदरपुर थाना क्षेत्रों में व्यवस्था संतोषजनक मिली। यहां पुलिस की सक्रियता और मुस्तैदी देखने को मिली। लेकिन नगर थाना और मिठनपुरा थाना क्षेत्रों में तस्वीर बिल्कुल अलग नजर आई।
इन दोनों थाना क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर कमियां और लापरवाही सामने आई। त्योहारों के ठीक पहले पुलिस की इस ढिलाई को एसएसपी ने गंभीरता से लिया। उन्होंने नगर और मिठनपुरा के थानाध्यक्षों के साथ-साथ संबंधित गश्ती पदाधिकारियों से भी स्पष्टीकरण मांगा है।
दो थानों पर गिरी गाज, त्योहारों से पहले सख्त संदेश
एसएसपी की इस कार्रवाई को पुलिस महकमे के लिए स्पष्ट चेतावनी के तौर पर देखा जा रहा है। त्योहारों के समय बाजारों में भीड़ बढ़ने के साथ चोरी, छिनतई, चेन स्नैचिंग और अन्य आपराधिक घटनाओं की आशंका भी बढ़ जाती है। ऐसे में अगर पुलिस की गश्ती ही कमजोर रही तो अपराधियों को मौका मिल सकता है।
इसी खतरे को देखते हुए एसएसपी ने साफ कर दिया है कि सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। थानों की जिम्मेदारी सिर्फ घटनाओं के बाद कार्रवाई करना नहीं, बल्कि पहले से सतर्क रहकर अपराध को रोकना भी है।
धनतेरस पर ज्वेलरी दुकानों की खास निगरानी, CCTV दुरुस्त रखने का आदेश
धनतेरस पर सोने-चांदी की खरीदारी के लिए बाजारों में भारी भीड़ उमड़ती है। ज्वेलरी दुकानों और व्यावसायिक इलाकों में ग्राहकों की आवाजाही बढ़ जाती है। इसी को ध्यान में रखते हुए एसएसपी ने जिले के सभी स्वर्ण आभूषण प्रतिष्ठानों और दुकानदारों को अपने यहां लगे सीसीटीवी कैमरों को दुरुस्त रखने का निर्देश दिया है।
पुलिस चाहती है कि दुकानों के अंदर से लेकर बाहर मुख्य रास्तों तक की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके। इससे किसी संदिग्ध व्यक्ति की पहचान करने और आपराधिक घटना होने पर जांच में मदद मिलेगी।इसके साथ ही पुलिस गश्ती दल को बाजारों और व्यावसायिक क्षेत्रों में लगातार पेट्रोलिंग करने का निर्देश दिया गया है। संदिग्ध लोगों और गतिविधियों पर विशेष नजर रखने के साथ सघन जांच अभियान चलाने को भी कहा गया है।
डायल 112 की भी जांच, जनता से व्यवहार पर SSP की दोटूक बात
निरीक्षण के दौरान एसएसपी ने आपातकालीन पुलिस सेवा डायल 112 के वाहनों की भी जांच की। उन्होंने यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि किसी भी आपात स्थिति में पुलिस समय पर मौके पर पहुंचे और आम लोगों को तत्काल सहायता मिले।पुलिस अधिकारियों और जवानों को निर्देश दिया गया कि जनता की शिकायतों और समस्याओं का त्वरित एवं नियमानुसार समाधान किया जाए। एसएसपी ने पुलिसकर्मियों को यह भी याद दिलाया कि आम लोगों के साथ उनका व्यवहार संवेदनशील, शालीन और सहयोगात्मक होना चाहिए।
अब त्योहारों में पुलिस की असली परीक्षा
धनतेरस से लेकर छठ पूजा तक मुजफ्फरपुर के बाजारों, सड़कों और घाटों पर लोगों की भारी भीड़ रहने की संभावना है। ऐसे में पुलिस के सामने अपराध नियंत्रण के साथ-साथ यातायात और आम लोगों की सुरक्षा बनाए रखने की भी चुनौती होगी। एसएसपी का देर रात औचक निरीक्षण और दो थानेदारों से शोकॉज इसी बात का संकेत है कि त्योहारों के दौरान सुरक्षा में किसी तरह की ढिलाई नहीं चलेगी। अब देखना होगा कि इस कार्रवाई के बाद पुलिस की रात्रि गश्ती कितनी प्रभावी होती है और त्योहारों के दौरान शहर की सुरक्षा व्यवस्था कितनी मजबूत नजर आती है।