Muzaffarpur smart meter protest: मुजफ्फरपुर में स्मार्ट प्रीपेड मीटर से डिफरमेंट चार्ज कटने को लेकर गुरुवार को उपभोक्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा. बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं ने तिलक मैदान रोड स्थित विद्युत कार्यपालक अभियंता कार्यालय का घेराव किया. देखते ही देखते प्रदर्शन हिंसक हो गया और आक्रोशित लोगों ने बिजली कार्यालय में तोड़फोड़ करने के साथ पथराव शुरू कर दिया. घटना में शीशा लगने से दो लोग घायल हो गए.


उपभोक्ताओं का आरोप है कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर के बैलेंस से बिना किसी पूर्व सूचना के डिफरमेंट चार्ज के नाम पर बड़ी रकम काट ली गई. कई उपभोक्ताओं के अनुसार, उनके मीटर से दो हजार से लेकर 10 हजार रुपये तक की राशि काटी गई है. राशि कटने के बाद कई उपभोक्ताओं का स्मार्ट मीटर बैलेंस माइनस में चला गया, जिससे उनके घरों की बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हुई.


गुरुवार को बड़ी संख्या में उपभोक्ता अपनी शिकायत लेकर तिलक मैदान रोड स्थित विद्युत कार्यपालक अभियंता कार्यालय पहुंचे थे. उपभोक्ताओं का कहना था कि वे नियमित रूप से बिजली का रिचार्ज करा रहे हैं, इसके बावजूद पुराने बकाये के नाम पर अचानक उनके बैलेंस से बड़ी राशि काट ली गई. इसी बात को लेकर लोगों ने बिजली विभाग के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया.


कुछ देर बाद प्रदर्शन कर रहे लोगों का गुस्सा बढ़ गया और कार्यालय में तोड़फोड़ शुरू हो गई. आक्रोशित लोगों ने कार्यालय के आगे और पीछे लगे शीशे तोड़ दिए. कंप्यूटर ऑपरेटरों के केबिन में भी घुसकर सामान और फाइलों को इधर-उधर कर दिया गया. इसके बाद कार्यालय परिसर में पथराव किया गया.


पथराव और टूटे शीशे की चपेट में आने से दो लोग घायल हो गए. घटना के दौरान कार्यालय में मौजूद कर्मचारी अपनी सुरक्षा के लिए इधर-उधर भागते नजर आए. हंगामे के कारण तिलक मैदान रोड और सरैयागंज टावर के आसपास काफी देर तक यातायात भी प्रभावित रहा.


घटना की सूचना मिलते ही नगर थाना समेत आसपास के थानों की पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद प्रदर्शनकारियों को शांत कराया और स्थिति को नियंत्रित किया. प्रदर्शनकारी बिजली विभाग के अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी करते रहे. पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है.


उपभोक्ताओं का कहना है कि डिफरमेंट चार्ज के नाम पर राशि काटने से पहले उन्हें स्पष्ट जानकारी दी जानी चाहिए थी. उनका आरोप है कि बिना किसी पूर्व सूचना के अचानक बड़ी रकम काटे जाने से लोगों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.


वहीं, बिजली विभाग के अधिकारियों का कहना है कि स्मार्ट मीटर से काटी गई राशि मीटर लगने से पहले के लंबित बिजली बकाये की है. विभाग के अनुसार, इस बकाये की वसूली किस्तों में की जा रही है.