Bihar News: मुजफ्फरपुर जिले में लगातार बढ़ रही आपराधिक घटनाओं और बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर अब पुलिस प्रशासन पूरी तरह सख्त मोड में नजर आ रहा है। जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) कांतेश कुमार मिश्रा ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सिकंदरपुर थाना के थानाध्यक्ष दुखी कुमार महतो को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
एसएसपी की इस कार्रवाई के बाद पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। पुलिस अधिकारियों के बीच यह संदेश साफ तौर पर चला गया है कि अब अपराध नियंत्रण में लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
पुलिस विभाग की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, अपर पुलिस अधीक्षक (नगर-01) द्वारा सिकंदरपुर थाना क्षेत्र की कार्यप्रणाली को लेकर विस्तृत जांच रिपोर्ट सौंपी गई थी। इस रिपोर्ट में थानाध्यक्ष पर कर्तव्यहीनता, लापरवाही और गंभीर अनुशासनहीनता के आरोप लगाए गए थे।
जांच में सामने आया कि थाना क्षेत्र में अपराध नियंत्रण, खुफिया सूचना जुटाने, प्रभावी गश्त कराने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में थानाध्यक्ष पूरी तरह विफल रहे। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि उनकी लापरवाही की वजह से इलाके में लगातार अपराध बढ़ रहे थे और अपराधियों के हौसले बुलंद हो गए थे।
विशेष रूप से मरीन ड्राइव इलाके को लेकर रिपोर्ट में गंभीर टिप्पणी की गई है। यह क्षेत्र पहले से संवेदनशील माना जाता रहा है, लेकिन पिछले कुछ समय में यहां बाइक चोरी, चेन छिनतई, राहगीरों के साथ मारपीट और महिलाओं से छेड़खानी जैसी घटनाओं में तेजी से बढ़ोतरी हुई थी।
इसके बावजूद इलाके में न तो पर्याप्त पुलिस बल लगाया गया और न ही नियमित गश्त को प्रभावी बनाया गया। स्थानीय लोगों में लगातार पुलिस की कार्यशैली को लेकर नाराजगी बढ़ रही थी।
थानाध्यक्ष पर कार्रवाई की सबसे बड़ी वजह 23 मई 2026 की रात मरीन ड्राइव पर हुई हिंसक घटना बनी। उस रात दो गुटों के बीच जमकर मारपीट और चाकूबाजी हुई थी। इस हमले में कई लोग घायल हुए थे, जबकि दो लोगों की हालत गंभीर बताई गई थी।
घटना के बाद इलाके में तनाव और दहशत का माहौल बन गया था। लोगों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे और सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह फेल बताया था।
जांच रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि घटना की सूचना मिलने के बावजूद थानाध्यक्ष ने जिम्मेदारी निभाने के बजाय क्षेत्राधिकार को लेकर भ्रम की स्थिति पैदा करने की कोशिश की। वरिष्ठ अधिकारियों ने इसे बेहद गैर-जिम्मेदाराना रवैया माना।
अपर पुलिस अधीक्षक और नगर पुलिस अधीक्षक की संयुक्त रिपोर्ट के आधार पर थानाध्यक्ष दुखी कुमार महतो को अपराध नियंत्रण में विफल, स्वेच्छाचारी और कर्तव्यहीन माना गया। इसके बाद एसएसपी ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित कर दिया।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आने वाले दिनों में जिले के अन्य थाना क्षेत्रों की कार्यशैली की भी समीक्षा की जाएगी। अपराध नियंत्रण में लापरवाही पाए जाने पर और भी सख्त कार्रवाई हो सकती है।