मुजफ्फरपुर: बिहार के मुजफ्फरपुर में शुक्रवार को एक सरकारी स्कूल में बड़ा हादसा हो गया। अहियापुर थाना क्षेत्र के बड़ाजगरनाथ इलाके में स्कूल की छत पर चढ़ी दो छात्राएं 11 हजार वोल्ट के हाईटेंशन बिजली तार की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गईं। दोनों छात्राओं की हालत नाजुक बनी हुई है। उन्हें इलाज के लिए श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एसकेएमसीएच) में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद स्कूल परिसर में अफरातफरी मच गई, जबकि छात्राओं के परिजनों और स्थानीय लोगों में बिजली विभाग के खिलाफ भारी आक्रोश है।
हादसे में घायल छात्राओं की पहचान संजना (14 वर्ष) और नंदिनी (12 वर्ष) के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, दोनों छात्राएं स्कूल की छत पर चढ़ी थीं। इसी दौरान वे वहां से गुजर रहे 11 हजार वोल्ट के बिजली तार की चपेट में आ गईं। करंट लगने से दोनों गंभीर रूप से झुलस गईं। घटना के बाद स्कूल में मौजूद शिक्षकों और आसपास के लोगों के बीच हड़कंप मच गया। आनन-फानन में घायल छात्राओं को अस्पताल पहुंचाया गया।
इस हादसे में संजना को गंभीर चोटें आई हैं। करंट लगने के बाद वह स्कूल की दीवार से टकरा गई, जिससे उसके सिर में भी गंभीर चोट लग गई। उसकी हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने उसे आईसीयू में भर्ती कर इलाज शुरू किया है। वहीं, दूसरी छात्रा नंदिनी भी करंट की चपेट में आने से बुरी तरह झुलस गई है। दोनों का एसकेएमसीएच में इलाज चल रहा है और उनकी स्थिति गंभीर बताई जा रही है।
शिक्षक पांडव राय ने बताया कि दोनों बच्चियां स्कूल की छत पर चढ़ी थीं। इसी दौरान वे बिजली के करंट की चपेट में आ गईं। हालांकि, छात्राएं छत पर किस वजह से गई थीं और हादसा किन परिस्थितियों में हुआ, इसकी विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है। घटना की सूचना मिलने के बाद जिला शिक्षा पदाधिकारी भी एसकेएमसीएच पहुंचे। उन्होंने अस्पताल में बच्चियों की स्थिति की जानकारी ली और उनके इलाज से संबंधित हालात का जायजा लिया।
हादसे की खबर फैलते ही छात्राओं के परिजन और बड़ी संख्या में ग्रामीण स्कूल परिसर में जुट गए। घटना को लेकर लोगों में बिजली विभाग के प्रति भारी नाराजगी देखी गई। ग्रामीणों का आरोप है कि स्कूल जैसी संवेदनशील जगह के पास से गुजर रहे हाईटेंशन तारों को लेकर पहले भी चिंता जताई गई थी, लेकिन समय रहते सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए। आक्रोशित ग्रामीणों ने बिजली विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि स्कूल परिसर के आसपास हाईटेंशन तारों की मौजूदगी बच्चों के लिए गंभीर खतरा बन सकती है। ऐसे में बिजली के तारों की सुरक्षा और स्कूल परिसर में बच्चों की आवाजाही को लेकर जरूरी कदम उठाए जाने चाहिए। हालांकि, हादसे में बिजली विभाग की लापरवाही की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
मुजफ्फरपुर की इस घटना ने सरकारी स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्कूल परिसर या उसके आसपास हाईटेंशन तारों की मौजूदगी और सुरक्षा इंतजामों की जांच जरूरी है। फिलहाल दोनों घायल छात्राओं का एसकेएमसीएच में इलाज जारी है। परिजन उनकी सलामती की दुआ कर रहे हैं, वहीं ग्रामीणों की मांग है कि घटना की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि सुरक्षा में लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों को रोका जा सके।