Bihar News: उत्तर बिहार के लाखों रेल यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है. लंबे समय से ट्रेनों की भीड़ और परिचालन दबाव झेल रहे मुजफ्फरपुर-समस्तीपुर-बछवाड़ा रेलखंड पर अब तीसरी रेल लाइन बिछाने की तैयारी तेज हो गई है. रेलवे ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना को आगे बढ़ाते हुए फाइनल लोकेशन सर्वे का काम तेजी से शुरू कर दिया है. माना जा रहा है कि यह परियोजना पूरी होने के बाद उत्तर बिहार की रेल व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा.
रेलवे अधिकारियों के अनुसार करीब 86.21 किलोमीटर लंबे इस महत्वपूर्ण रेलखंड का फाइनल लोकेशन सर्वे दिल्ली की अरुणोदय इंजीनियरिंग लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है. सर्वे का कार्य चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ रहा है और इसके पूरा होने के बाद विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार की जाएगी. इसके आधार पर निर्माण कार्य के लिए प्रशासनिक और वित्तीय मंजूरी का रास्ता साफ होगा.
मुजफ्फरपुर-समस्तीपुर-बछवाड़ा रेलखंड पूर्व मध्य रेलवे का सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण रूट माना जाता है. इस मार्ग से प्रतिदिन बड़ी संख्या में एक्सप्रेस, पैसेंजर और मालगाड़ियों का संचालन होता है. वर्तमान में यहां केवल दो लाइनें हैं, जिनका उपयोग अप और डाउन ट्रेनों के लिए किया जाता है. लगातार बढ़ती यात्री संख्या और माल परिवहन के कारण इस रूट पर ट्रेनों का दबाव काफी बढ़ गया है.
कई बार ट्रेनों को क्रॉसिंग और ओवरटेकिंग के लिए घंटों तक स्टेशनों पर खड़ा रहना पड़ता है. इसके कारण यात्रियों को देरी का सामना करना पड़ता है और रेलवे के परिचालन पर भी असर पड़ता है. तीसरी लाइन बनने के बाद ट्रेनों की आवाजाही अधिक सुचारू होगी और ट्रैफिक दबाव काफी हद तक कम हो जाएगा.
रेल विशेषज्ञों का मानना है कि इस परियोजना का सबसे बड़ा फायदा मालगाड़ियों को मिलेगा. फिलहाल व्यस्त समय में यात्री ट्रेनों को प्राथमिकता मिलने के कारण मालगाड़ियों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है. नई लाइन बनने के बाद माल परिवहन के लिए अतिरिक्त कॉरिडोर उपलब्ध होगा, जिससे उद्योगों और व्यापारिक गतिविधियों को भी सीधा लाभ मिलेगा.
बरौनी, समस्तीपुर, बछवाड़ा और मुजफ्फरपुर जैसे औद्योगिक क्षेत्रों तक कच्चे माल और तैयार उत्पादों की ढुलाई पहले से अधिक तेज और सुगम हो सकेगी. इससे व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है.
फाइनल लोकेशन सर्वे किसी भी रेलवे परियोजना का सबसे अहम चरण माना जाता है. इसी सर्वे के आधार पर यह तय किया जाएगा कि नई रेल लाइन किस मार्ग से गुजरेगी, कितनी जमीन की आवश्यकता होगी, कितने पुल-पुलियों और अन्य संरचनाओं का निर्माण करना होगा तथा परियोजना की कुल लागत कितनी आएगी.
इसके अलावा सर्वे रिपोर्ट में निर्माण कार्य पूरा करने की संभावित समयसीमा और चरणबद्ध कार्ययोजना भी शामिल होगी. सर्वे पूरा होने के बाद रेलवे परियोजना को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया शुरू करेगा.
दिलचस्प बात यह है कि रेलवे केवल इसी रूट पर नहीं बल्कि उत्तर बिहार के कई अन्य महत्वपूर्ण रेलखंडों पर भी फाइनल लोकेशन सर्वे करा रहा है. जानकारी के अनुसार छपरा ग्रामीण-बछवाड़ा, शाहपुर पटोरी रूट और बरौनी-कटिहार रेलखंड समेत करीब 450 किलोमीटर लंबे विभिन्न मार्गों पर भी सर्वे का काम जारी है.