Bihar Police News: बिहार पुलिस मुख्यालय के कड़े दिशा-निर्देशों के बाद राज्य में पुलिसिंग को चुस्त-दुरुस्त बनाने और थानों की लचर कार्यप्रणाली को सुधारने के लिए एक अनूठी मुहिम शुरू की गई है। इस मुहिम के तहत वरीय पुलिस अधिकारियों द्वारा अलग-अलग थानों को गोद लिया जा रहा है। इसी कड़ी में एक बड़ा कदम उठाते हुए मुजफ्फरपुर रेंज डीआईजी के डीआईजी (DIG) चंदन कुशवाहा ने मुजफ्फरपुर जिले के सदर थाना को खुद गोद लिया है। थाने को गोद लेने के बाद डीआईजी ने औचक निरीक्षण किया, जिससे सदर थाना परिसर में हड़कंप मच गया।


सदर थाने को मॉडल थाना बनाने के संकल्प के साथ पहुंचे डीआईजी चंदन कुशवाहा ने वहां एक उच्च स्तरीय मैराथन समीक्षा बैठक की। इस बैठक में मुजफ्फरपुर के एसएसपी (SSP) कांतेश कुमार मिश्रा, सिटी एसपी मोहिबुल्ला अंसारी, एसडीपीओ टाउन टू (SDPO Town 2) विनीता सिन्हा और सदर थाना प्रभारी मुख्य रूप से मौजूद रहे। डीआईजी ने सीधे तौर पर व्यवस्था सुधारने की जिम्मेदारी अपने हाथों में लेते हुए थाने के हर छोटे-बड़े कामकाज, फाइलों के रखरखाव और पुलिसकर्मियों की सक्रियता का बारीकी से निरीक्षण किया। अचानक हुए इस औचक निरीक्षण से पुलिसकर्मियों और अधिकारियों के बीच पूरे समय हड़कंप का माहौल व्याप्त रहा।


पुलिस मुख्यालय के सख्त निर्देशानुसार, इस मैराथन समीक्षा का मुख्य उद्देश्य थाना स्तर पर हो रहे कार्यों की जमीनी हकीकत को परखना था। निरीक्षण के दौरान डीआईजी चंदन कुशवाहा ने विशेष रूप से थाने की 'गुंडा पंजी' (गुंडा रजिस्टर) की अद्यतन (अपडेटेड) स्थिति की जांच की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि इलाके के चिह्नित अपराधियों, वारंटियों और लंबे समय से फरार चल रहे कुख्यातों के खिलाफ पुलिस को अब और अधिक आक्रामक रवैया अपनाना होगा। इसके साथ ही, हाल के दिनों में हुए बड़े आपराधिक मामलों में पुलिस की दबिश और कांड अनुसंधान (इन्वेस्टिगेशन) की प्रगति रिपोर्ट की भी गहनता से समीक्षा की गई।


तिरहुत रेंज के डीआईजी चंदन कुशवाहा ने कहा कि मुख्यालय के आदेशानुसार अब सभी वरीय अधिकारी अलग-अलग थानों को गोद लेंगे। इसी कड़ी में मेरे द्वारा सदर थाने को गोद लिया गया है। आज तमाम व्यवस्थाओं को बारीकी से देखा गया है और आने वाले दिनों में यह सदर थाना मुजफ्फरपुर का सर्वश्रेष्ठ 'मॉडल थाना' बनेगा। तिरहुत रेंज के डीआईजी द्वारा खुद कमान संभालने के बाद अब मुजफ्फरपुर की जनता को उम्मीद है कि सदर थाना न सिर्फ अपराध नियंत्रण में अव्वल आएगा, बल्कि पुलिस और पब्लिक के बीच के रिश्तों को भी एक नया आयाम देगा। डीआईजी की इस पहल के बाद सदर थाने की सूरत और सीरत दोनों बदलने वाली है। 


'मॉडल थाना' बनने की दिशा में यहाँ निम्नलिखित बदलाव देखने को मिलेंगे:

त्वरित कार्रवाई: आम जनता की शिकायतों पर बिना किसी देरी के त्वरित रिस्पॉन्स

पारदर्शी पुलिसिंग: कांडों के अनुसंधान (जांच) में तेजी लाना और भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस।

अपराध नियंत्रण: गुंडा रजिस्टर के आधार पर इलाके के सक्रिय अपराधियों पर चौबीसों घंटे पैनी नजर।

बेहतर बुनियादी ढांचा: थाने के रख-रखाव, डिजिटल रिकॉर्ड और आम फरियादियों के बैठने की व्यवस्था में सुधार।