मुजफ्फरपुर: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से शनिवार को एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसे की खबर सामने आई है। सदर अस्पताल रोड पर हुए इस हादसे ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। इलाज कराने एसकेएमसीएच जा रही एक मां की गोद से उसका चार वर्षीय बेटा अचानक ई-रिक्शा से सड़क पर गिर गया। इससे पहले कि मां उसे उठा पाती, पीछे से तेज रफ्तार में आ रहे एक अज्ञात चारपहिया वाहन ने मासूम को कुचल दिया। गंभीर रूप से घायल बच्चे को तत्काल सदर अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। अस्पताल परिसर में चीख-पुकार मच गई। सूचना मिलने पर नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि फरार वाहन और उसके चालक की पहचान की जा सके।

इलाज के लिए निकला था परिवार, रास्ते में उजड़ गई दुनिया

जानकारी के अनुसार, पूर्वी चंपारण जिले के पिपरा थाना क्षेत्र के सिरसिया बलुआ टोला निवासी श्रीलाल राय की पत्नी रंजू देवी (28) अपने चार वर्षीय बेटे आर्यन कुमार और भाई सरोज कुमार के साथ शुक्रवार सुबह इलाज के लिए मुजफ्फरपुर आई थीं। रंजू देवी के सिर में पहले लगी गंभीर चोट का इलाज एसकेएमसीएच में चल रहा था। तीनों ट्रेन से मुजफ्फरपुर रेलवे स्टेशन पहुंचे। वहां से वे ई-रिक्शा लेकर एसकेएमसीएच के लिए रवाना हुए। ई-रिक्शा में सरोज कुमार चालक के पास आगे बैठे थे, जबकि रंजू देवी अपने बेटे आर्यन को गोद में लेकर पीछे दाहिनी ओर बैठी थीं।

सदर अस्पताल ट्रैफिक सिग्नल के पास हुआ हादसा

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब ई-रिक्शा सदर अस्पताल रोड स्थित ट्रैफिक सिग्नल के पास पहुंचा, तभी अचानक आर्यन मां की गोद से फिसलकर सड़क पर गिर गया। बेटे को बचाने के लिए रंजू देवी तुरंत नीचे उतरीं, लेकिन इससे पहले कि वह उसे उठा पातीं, पीछे से आ रहे एक अज्ञात चारपहिया वाहन ने बच्चे के सिर को कुचल दिया और मौके से फरार हो गया। हादसे में रंजू देवी भी घायल हो गईं। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत बच्चे को उठाया और परिजनों के साथ सदर अस्पताल पहुंचाया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने जांच के बाद मासूम को मृत घोषित कर दिया।

स्थानीय लोगों ने रोकने की कोशिश की, फिर भी भाग निकला चालक

मृतक बच्चे के मामा सरोज कुमार ने बताया कि दुर्घटना के बाद कुछ दूरी पर स्थानीय लोगों ने चारपहिया वाहन को रोकने का प्रयास भी किया था। हालांकि, जब तक परिवार बच्चे को लेकर अस्पताल पहुंचा, चालक वाहन लेकर मौके से फरार हो गया। उन्होंने बताया कि वाहन में चालक समेत पांच लोग सवार थे। परिजनों का आरोप है कि यदि चालक समय रहते रुक जाता और बच्चे को अस्पताल पहुंचाने में मदद करता, तो शायद स्थिति कुछ अलग हो सकती थी।

पुलिस ने शुरू की जांच, सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही टीम

घटना की सूचना मिलते ही नगर थाना पुलिस सदर अस्पताल पहुंची। पुलिस ने मृतक की मां रंजू देवी का फर्दबयान दर्ज किया और शव को पोस्टमार्टम के लिए श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एसकेएमसीएच) भेज दिया। नगर थानेदार जयप्रकाश सिंह ने बताया कि पूरे मामले को आगे की कार्रवाई के लिए यातायात थाने को भेजा जा रहा है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की जा रही है। वाहन और चालक की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी की जाएगी।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

मृतक आर्यन कुमार अपने परिवार में सबसे छोटा था। उसके पिता मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। आर्यन के बड़े भाई आशिक कुमार (9 वर्ष) और बहन सुरुचि कुमारी (6 वर्ष) हैं। इलाज के लिए निकले परिवार को शायद ही अंदाजा रहा होगा कि अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनके घर का सबसे छोटा सदस्य हमेशा के लिए उनसे बिछड़ जाएगा।

इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा, ई-रिक्शा में सुरक्षित बैठने की व्यवस्था और तेज रफ्तार वाहनों की लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस मामले की जांच में जुटी है और उम्मीद की जा रही है कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर फरार चालक को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।