MUZAFFARPUR HOSPITAL AGNIKAND: मुजफ्फरपुर जिले के प्रसाद हॉस्पिटल के ICU वार्ड में लगी भीषण आग से 5 मरीजों की मौत के बाद बिहार की सियासत पूरी तरह गरमाई हुई है। इस बड़े हादसे को लेकर राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने सूबे के सम्राट सरकार और राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था पर जोरदार हमला बोला। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए रोहिणी आचार्य ने सम्राट सरकार को घेरते हुए आरोप लगाया कि बिहार में डबल इंजन की सरकार के संरक्षण में जानलेवा अस्पतालों को लोगों की जिंदगी से खेलने की खुली छूट मिली हुई है।
मुजफ्फरपुर अग्निकांड पर शोक व्यक्त करते हुए रोहिणी आचार्य ने बिहार के हर शहर और कस्बे में खुले निजी नर्सिंग होम्स की व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए। रोहिणी आचार्य ने एक्स पर ट्वीट करते हुए यह लिखा कि...सम्राट सरकार के शासन में जानलेवा अस्पतालों को इलाजरत लोगों की जान लेने और जोखिम में डालने की खुली छूट प्राप्त है .
मुजफ्फरपुर के निजी अस्पताल में आग लगने के पश्चात् इलाजरत दस मरीजों की मौत्त की घटना अतिदुःखद है , बिहार में ऐसे निजी अस्पतालों एवं नर्सिंग होम्स की भरमार है , जहाँ अग्निशमन के उपकरणों व् बंदोबस्तों की मौजूदगी बिल्कुल ही नहीं है , सरकारी मानकों और दिशा - निर्देशों का धड़ल्ले से उल्लंघन करते ऐसे अस्पताल व् नर्सिंग होम्स प्रदेश में हजारों की संख्या में लगभग हरेक शहर के गली - मुहल्ले में सरकार व् प्रशासन की जानकारी में चलाए जा रहे हैं ..
पूरी तरह से भ्रष्टाचार के संक्रमण से ग्रस्त सरकार व् प्रशासन की मिली भगत से ऐसे जानलेवा अस्पतालों को मरीजों की जान जोखिम में डालने की खुली छूट प्राप्त है , ऐसे हादसों के पश्चात् मुआवजे और जाँच के आदेश का कोरम पूरा कर सरकार अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लेती है .. अस्पतालों में आगलगी को रोकने के लिए सुरक्षा एवं बंदोबस्ती की बदहाली का आलम तो कुछ ऐसा है कि पिछले एक महीने में प्रदेश के सबसे बड़े व् प्रतिष्ठित अस्पताल पीएमसीएच ( पटना मेडिकल कॉलेज व् अस्पताल) में ही आगलगी की लगभग दर्जन भर घटनाएं हो चुकी हैं ..
बिहार की आर्थिक राजधानी कहे जाने वाले मुजफ्फरपुर में प्रसाद प्राइवेट अस्पताल में भीषण अगलगी की घटना में 5 लोगों की दर्दनाक मौत हो गयी। परिजनों के बीच कोहराम मच गया। परिवार वालों ने अस्पताल प्रशासन पर कई गंभीर आरोप लगाये। मृतक कृष्णनंदन सिंह के परिजन प्रशांत कुमार ने कहा कि अस्पताल इलाज के लिए लाए थे लेकिन आग में जलकर मौत हो गई है। इसलिए अब उनका पोस्टमॉर्टम कराया जा रहा है। फेफरा में पानी होने की शिकायत पर कृष्णनंदन को प्रसाद हॉस्पिटल में भर्ती कराये थे।
वही घटना की पुष्टि करते हुए बिहार के सीएम सम्राट चौधरी ने ट्वीट करते हुए एक्स पर लिखा कि मुजफ्फरपुर के एक निजी अस्पताल में आग लगने से चार व्यक्तियों की मृत्यु अत्यंत दुःखद है।शोक-संतप्त परिजनों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएँ हैं। ईश्वर दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करें तथा परिजनों को इस कठिन समय में संबल दें। मृतकों के परिजनों को अविलंब 4-4 लाख रुपये का अनुग्रह अनुदान प्रदान करने का निर्देश दिया गया है। स्थानीय प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है तथा घायलों के उपचार हेतु सदर अस्पतालों में समुचित व्यवस्था की गई है।
सम्राट सरकार के शासन में जानलेवा अस्पतालों को इलाजरत लोगों की जान लेने और जोखिम में डालने की खुली छूट प्राप्त है ..
— Rohini Acharya (@RohiniAcharya2) June 4, 2026
मुजफ्फरपुर के निजी अस्पताल में आग लगने के पश्चात् इलाजरत दस मरीजों की मौत्त की घटना अतिदुःखद है , बिहार में ऐसे निजी अस्पतालों एवं नर्सिंग होम्स की भरमार है , जहाँ… pic.twitter.com/7U1TSJlkFJ