Bihar News : बिहार में लागू शराबबंदी कानून एक बार फिर सवालों के घेरे में है। इस बार मामला आम लोगों से नहीं, बल्कि कानून की रक्षा करने वाले पुलिस विभाग से जुड़ा हुआ है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वर्दीधारी पुलिसकर्मी खुलेआम शराब पीता नजर आ रहा है। वीडियो सामने आने के बाद लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं और शराबबंदी कानून की सख्ती पर सवाल उठने लगे हैं।


बताया जा रहा है कि वायरल वीडियो मुजफ्फरपुर जिले के कटरा थाना क्षेत्र का है। सूत्रों के अनुसार यह वीडियो बकूची चौक के पास का बताया जा रहा है, जहां डायल 112 में तैनात एक पुलिसकर्मी कथित तौर पर सड़क किनारे शराब का सेवन कर रहा था। वीडियो में पुलिसकर्मी बेखौफ अंदाज में बैठकर शराब पीता दिखाई दे रहा है। इसी दौरान वहां मौजूद किसी व्यक्ति ने मोबाइल से पूरी घटना का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया। अब यही वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तेजी से वायरल हो रहा है।


जानकारी के मुताबिक वायरल वीडियो में दिख रहे पुलिसकर्मी की पहचान पीटीसी सफकत खान के रूप में की जा रही है, जो कटरा थाना क्षेत्र में डायल 112 सेवा में कार्यरत बताए जा रहे हैं। हालांकि वीडियो की आधिकारिक पुष्टि अभी प्रशासन की ओर से नहीं की गई है, लेकिन सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होते ही लोगों की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं।


बिहार सरकार लगातार शराबबंदी कानून को लेकर सख्त रुख अपनाने की बात करती रही है। राज्य में शराब की खरीद-बिक्री और सेवन पूरी तरह प्रतिबंधित है। शराब पीते पकड़े जाने पर आम लोगों पर जुर्माना, गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई की जाती है। ऐसे में जब खुद पुलिस विभाग का एक कर्मी शराब पीते हुए नजर आता है, तो लोगों के मन में कई सवाल उठना स्वाभाविक है।


स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर आम आदमी शराब पीते पकड़ा जाता है तो पुलिस तुरंत कार्रवाई करती है, लेकिन अब जब खुद पुलिसकर्मी पर आरोप लगा है तो देखना होगा कि प्रशासन क्या कदम उठाता है। लोगों के बीच यह चर्चा भी तेज हो गई है कि आखिर शराबबंदी कानून का पालन करवाने वाले ही अगर नियम तोड़ेंगे तो कानून का असर आम जनता पर कैसे पड़ेगा।


वहीं विपक्षी दलों को भी सरकार पर हमला बोलने का मौका मिल गया है। राजनीतिक गलियारों में इस वायरल वीडियो को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। विपक्ष पहले से ही बिहार में शराबबंदी कानून की विफलता का आरोप लगाता रहा है और अब इस वीडियो के सामने आने के बाद सरकार की किरकिरी होती दिखाई दे रही है।


हालांकि अभी तक मुजफ्फरपुर पुलिस प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। लेकिन वायरल वीडियो के बाद यह माना जा रहा है कि विभागीय स्तर पर जांच की जा सकती है। यदि वीडियो सही पाया जाता है तो संबंधित पुलिसकर्मी पर कार्रवाई भी संभव है।


अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या शराबबंदी कानून सिर्फ आम लोगों के लिए है, या फिर कानून के दायरे में वर्दीधारी भी आएंगे। मुजफ्फरपुर में वायरल हुए इस वीडियो ने एक बार फिर बिहार की शराबबंदी व्यवस्था पर बहस छेड़ दी है। लोगों की नजर अब जिला पुलिस कप्तान की कार्रवाई पर टिकी हुई है कि आखिर इस मामले में क्या कदम उठाया जाता है।