MUZAFFARPUR: मुजफ्फरपुर पुलिस ने 'ऑपरेशन मुस्कान' के जरिए एक बार फिर आम जनता के बीच विश्वास का नया अध्याय लिखा है। सोमवार को वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) कार्यालय में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान, पुलिस ने विभिन्न क्षेत्रों से चोरी और गुम हुए 106 मोबाइल फोन उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिए। खोए हुए कीमती फोन वापस पाकर लोगों के चेहरे खुशी से खिल उठे, जिससे इस अभियान का नाम 'मुस्कान' सार्थक होता नजर आया।
34 लाख का मोबाइल बरामद
एसएसपी कार्यालय द्वारा साझा की गई जानकारी के मुताबिक, बरामद किए गए इन 106 मोबाइल हैंडसेट्स की अनुमानित बाजार कीमत लगभग 34 लाख रुपये आंकी गई है। पुलिस की इस कार्रवाई ने उन अपराधियों और शातिरों की कमर तोड़ दी है जो मोबाइल चोरी और उनकी अवैध खरीद-बिक्री में शामिल रहते हैं। बरामद किए गए फोनों में कई महंगे स्मार्टफोन्स भी शामिल हैं।
विशेष इकाई की मेहनत लाई रंग
इस बड़ी सफलता के पीछे पुलिस की एक विशेष टीम का हाथ है। तकनीकी रूप से इन फोनों को ट्रैक करने और उनकी रिकवरी सुनिश्चित करने के लिए 02 फरवरी 2026 को 'सांख्यिकी उपकरण बरामदगी इकाई' (सा०उ०ब०ई०) का गठन किया गया था। इस यूनिट ने अत्याधुनिक सर्विलांस और डेटा एनालिसिस का उपयोग कर कम समय में सैकड़ों फोनों का पता लगाया है।
साल 2026 में अब तक 337 फोन वापस
मुजफ्फरपुर पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, 'ऑपरेशन मुस्कान' का यह सिलसिला रुकने वाला नहीं है। इस साल यानी 2026 में अब तक पुलिस की विभिन्न टीमों ने कुल 337 गुमशुदा और चोरी के मोबाइल फोन रिकवर कर उनके मालिकों तक पहुंचाए हैं। पुलिस का कहना है कि उनकी प्राथमिकता आम जनता की खोई हुई संपत्ति को सुरक्षित वापस दिलाना है ताकि लोगों में कानून के प्रति भरोसा बढ़े।
पुलिस ने जारी की गाइडलाइन
वरीय पुलिस अधीक्षक ने नागरिकों से अपील की है कि मोबाइल या लैपटॉप चोरी होने पर घबराएं नहीं और न ही बिचौलियों के चक्कर में पड़ें। पुलिस ने इसके लिए एक सरल और पारदर्शी व्यवस्था बनाई है. पुलिस द्वारा जारी आधिकारिक क्यूआर (QR) कोड को स्कैन कर सीधे शिकायत दर्ज की जा सकती है। लोग घर बैठे ऑनलाइन गुगल फॉर्म के जरिए अपने डिवाइस की जानकारी भर सकते हैं। तत्काल सहायता के लिए पुलिस नियंत्रण कक्ष के व्हाट्सएप नंबर 9431896700 पर मैसेज कर अपनी जानकारी साझा कर सकते हैं।
मुजफ्फरपुर से मनोज कुमार की रिपोर्ट