Rapid Rail : मुजफ्फरपुर से पटना का सफर जल्द ही पहले से कहीं ज्यादा तेज और सुविधाजनक होने की उम्मीद है। उत्तर बिहार के प्रमुख शहर मुजफ्फरपुर को राजधानी पटना से जोड़ने के लिए नमो भारत रैपिड रेल सेवा की तैयारी तेज होने की खबर है। इस परियोजना के जरिए दोनों शहरों के बीच यात्रा का समय काफी कम करने का लक्ष्य है। रोजाना मुजफ्फरपुर से पटना आने-जाने वाले हजारों यात्रियों के लिए यह बड़ी राहत साबित हो सकती है।
मुजफ्फरपुर और पटना के बीच हर दिन बड़ी संख्या में कारोबारी, छात्र, नौकरीपेशा लोग और मरीज सफर करते हैं। फिलहाल ट्रेन और बस से इस दूरी को तय करने में करीब ढाई से तीन घंटे तक लग जाते हैं। ऐसे में तेज रफ्तार वाली रैपिड रेल सेवा शुरू होने से यात्रियों के समय की बड़ी बचत हो सकती है।
एक घंटे में पूरा होगा मुजफ्फरपुर से पटना का सफर
प्रस्तावित नमो भारत रैपिड रेल के जरिए मुजफ्फरपुर-पटना के बीच यात्रा का समय करीब एक घंटे तक लाने की बात सामने आई है। ट्रेन की अधिकतम रफ्तार 160 किलोमीटर प्रति घंटे तक बताई जा रही है। हालांकि वास्तविक यात्रा समय रूट, स्टॉपेज और संचालन व्यवस्था पर निर्भर करेगा।
वर्तमान में इस रूट पर कई MEMU और मेल/एक्सप्रेस ट्रेनें चलती हैं। इसके अलावा बिहार राज्य पथ परिवहन निगम और निजी बसों की सेवाएं भी उपलब्ध हैं। लेकिन सड़क पर ट्रैफिक और ट्रेनों के ठहराव के कारण यात्रा में काफी समय लग जाता है। रैपिड रेल इस कनेक्टिविटी को नया विकल्प दे सकती है।
हाई स्पीड के साथ यात्रियों को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं
नमो भारत ट्रेनों में तेज गति के साथ यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा पर भी जोर दिया जाता है। ट्रेन में वातानुकूलित कोच, आरामदायक सीटें, पर्याप्त लेगरूम और मोबाइल चार्जिंग की सुविधा जैसी व्यवस्थाएं बताई गई हैं। ऑटोमेटिक दरवाजे, सीसीटीवी निगरानी और आधुनिक सुरक्षा तकनीक भी यात्रियों के सफर को सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने में मदद करेंगी। भारतीय रेलवे के कवच जैसे सुरक्षा सिस्टम से लैस ट्रेनों का उद्देश्य दुर्घटनाओं के जोखिम को कम करना है।
किराया कितना होगा?
मुजफ्फरपुर-पटना रैपिड रेल के किराये को लेकर भी यात्रियों की दिलचस्पी है। उपलब्ध जानकारी में न्यूनतम किराया करीब 20 से 30 रुपये और दूरी के आधार पर लगभग 2 से 2.50 रुपये प्रति किलोमीटर की दर का उल्लेख किया गया है। हालांकि अंतिम किराया और टिकट व्यवस्था परियोजना के आधिकारिक रूप से तय होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
बिहार में बढ़ रहा रैपिड रेल का नेटवर्क
मुजफ्फरपुर-पटना के अलावा बिहार के दूसरे प्रमुख शहरों को भी तेज रेल कनेक्टिविटी से जोड़ने की योजना पर काम होने की बात कही जा रही है। गया, बेगूसराय और आरा जैसे शहरों को भी भविष्य में ऐसे नेटवर्क से जोड़ने की तैयारी का उल्लेख किया गया है।
अगर मुजफ्फरपुर-पटना रैपिड रेल परियोजना मूर्त रूप लेती है, तो इसका फायदा सिर्फ यात्रियों को ही नहीं बल्कि दोनों शहरों की अर्थव्यवस्था को भी मिल सकता है। तेज कनेक्टिविटी से रोजगार, शिक्षा, कारोबार और स्वास्थ्य सेवाओं तक लोगों की पहुंच आसान होगी। साथ ही पटना पर बढ़ते जनसंख्या और यातायात के दबाव को आसपास के शहरों से बेहतर कनेक्टिविटी के जरिए कम करने में भी मदद मिल सकती है।
मुजफ्फरपुर को पटना से हाई स्पीड रेल कनेक्टिविटी मिलने से उत्तर बिहार में परिवहन व्यवस्था को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है। अब यात्रियों की नजर इस बात पर है कि परियोजना को लेकर आधिकारिक स्तर पर आगे क्या फैसला होता है और इसका काम कब शुरू होता है।