Bihar News: मुजफ्फरपुर नगर निगम बोर्ड की बैठक में विकास कार्यों की कमी और पूर्व के फैसलों के अनुपालन को लेकर पार्षदों ने जमकर हंगामा किया। विरोध प्रदर्शन के दौरान वार्ड 28 के पार्षद राजीव कुमार पंकू अचानक बेहोश होकर गिर पड़े। घटना के बाद सदन में अफरातफरी मच गई, लेकिन नाराज पार्षद धरना पर बैठ गए और नारेबाजी शुरू कर दी।
दरअसल, मुजफ्फरपुर नगर भवन में महापौर निर्मला देवी की अध्यक्षता में नगर निगम बोर्ड की बैठक आयोजित की गई। बैठक शुरू होते ही विकास कार्यों को लेकर पार्षदों का आक्रोश सामने आ गया। नाराज पार्षद नारेबाजी करते हुए सदन के वेल में पहुंच गए और नगर निगम प्रशासन पर कामकाज में शिथिलता का आरोप लगाते हुए वहीं धरना शुरू कर दिया। पार्षदों के विरोध के कारण बैठक की सामान्य कार्यवाही प्रभावित हो गई।
धरना और नारेबाजी के बीच वार्ड 28 के पार्षद राजीव कुमार पंकू अचानक बेहोश होकर गिर पड़े। इसके बाद सदन में मौजूद पार्षदों और नगर निगम कर्मियों के बीच अफरातफरी का माहौल बन गया। हालांकि, इस घटना के बावजूद प्रदर्शनकारी पार्षदों का विरोध खत्म नहीं हुआ और वे लगातार नारेबाजी करते रहे।
धरने पर बैठे पार्षदों ने आरोप लगाया कि नगर निगम क्षेत्र में जनहित से जुड़े विकास कार्य धरातल पर नहीं हो रहे हैं। उनका कहना है कि आम लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए योजनाएं बनाई जाती हैं, लेकिन उनका प्रभावी क्रियान्वयन नहीं हो रहा है। पार्षदों ने यह भी आरोप लगाया कि नगर निगम बोर्ड और सशक्त स्थायी समिति की पिछली बैठकों में लिए गए कई नीतिगत फैसलों का अधिकारी अनुपालन नहीं कर रहे हैं।
पार्षदों का कहना है कि बैठक में लिए गए फैसले और विकास योजनाएं केवल कागजों तक सीमित रह गई हैं। इससे शहर के लोगों को अपेक्षित सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। महापौर निर्मला देवी की मौजूदगी के बावजूद सदन में पार्षदों का आक्रोश शांत नहीं हुआ।
प्रदर्शनकारी पार्षद प्रशासन के रवैये के खिलाफ जवाबदेही तय करने की मांग पर अड़े रहे। पार्षदों के धरना, नारेबाजी और हंगामे के कारण नगर निगम बोर्ड की बैठक की सामान्य कार्यवाही पूरी तरह बाधित हो गई। पार्षद विकास कार्यों में तेजी लाने और पूर्व में लिए गए फैसलों को लागू करने की मांग कर रहे हैं।