Bihar News: मुजफ्फरपुर के कांटी थाना क्षेत्र में महिंद्रा कंपनी के स्पेयर पार्ट्स वेयरहाउस में काम करने वाले इलेक्ट्रिशियन पंकज कुमार की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद गुरुवार को परिजनों और ग्रामीणों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया. सदातपुर निवासी पंकज का शव बुधवार को वेयरहाउस के अंदर मिला था. परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए शव को सड़क पर रखकर NH जाम कर दिया और आरोपी की गिरफ्तारी के साथ 50 लाख रुपये मुआवजे की मांग की.


प्रदर्शन के कारण दरभंगा, मोतिहारी और हाजीपुर की ओर जाने वाले फोरलेन पर वाहनों की लंबी कतार लग गई. करीब तीन घंटे से अधिक समय तक सड़क जाम रहने से हाईवे पर कई किलोमीटर तक यातायात प्रभावित रहा.


परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया

मृतक के बड़े भाई विजय कुमार ने आरोप लगाया कि पंकज परिवार का मुख्य कमाने वाला सदस्य था. वह महिंद्रा कंपनी के स्पेयर पार्ट्स वेयरहाउस में इलेक्ट्रिशियन के पद पर काम करता था. परिवार के बुजुर्ग माता-पिता समेत कई सदस्य उसकी कमाई पर निर्भर थे.


विजय कुमार का कहना है कि पंकज की मौत सामान्य घटना नहीं है और परिजनों को उसकी हत्या की आशंका है. उन्होंने पुलिस से हत्या की धारा 302 के तहत मामला दर्ज कर आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की. साथ ही परिवार को 50 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग भी रखी.


विजय कुमार ने बताया कि बुधवार शाम एक व्यक्ति ने फोन कर जानकारी दी कि उनके भाई की लाश मेडिकल में पड़ी है. सूचना मिलने के बाद परिजन वहां पहुंचे, जिसके बाद उन्हें पंकज की मौत के बारे में जानकारी मिली. इसके बाद परिजनों ने मौत की परिस्थितियों पर सवाल उठाते हुए हत्या की आशंका जताई.


मामले को लेकर एसडीपीओ पश्चिमी-1 सुचित्रा कुमारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में मामला दुर्घटना से जुड़ा प्रतीत हो रहा था. हालांकि, परिजनों ने हत्या का आरोप लगाते हुए आवेदन दिया है. पुलिस आवेदन के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है.


घटना के बाद वेयरहाउस को सुरक्षित कर दिया गया था. FSL की टीम ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल से कई साक्ष्य जुटाए हैं. टीम ने ब्लड सैंपल समेत अन्य साक्ष्य भी लिए हैं. फिलहाल घटनास्थल से लोहे की रॉड या किसी अन्य हथियार की बरामदगी नहीं हुई है. पुलिस मौत की वजह स्पष्ट करने के लिए सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है.


NH जाम की सूचना मिलने के बाद एसडीपीओ पश्चिमी-1 सुचित्रा कुमारी और कांटी विधायक अजीत कुमार मौके पर पहुंचे. परिजनों ने उनके सामने निष्पक्ष जांच, आरोपी की गिरफ्तारी और 50 लाख रुपये मुआवजे की मांग रखी.


पुलिस और विधायक की ओर से मामले में उचित कार्रवाई और निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया गया. इसके बाद करीब तीन घंटे से अधिक समय से जारी जाम समाप्त कराया गया और सड़क पर यातायात सामान्य कराया गया.