मुजफ्फरपुर में शराब तस्करी का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. तस्करों ने शराब की बोतलों को कॉपियों के बंडल के बीच इस तरह छिपाया था कि बाहर से देखने पर किसी को शक तक नहीं हो. हालांकि, गुप्त सूचना के आधार पर उत्पाद विभाग की टीम ने ऑटो को रोककर तलाशी ली तो कॉपियों के बीच छिपाकर रखी गई 360 बोतल शराब बरामद हुई.


मामला अहियापुर थाना क्षेत्र के भिखनपुर का है. उत्पाद विभाग की टीम को सूचना मिली थी कि एक ऑटो के जरिए शराब की खेप ले जाई जा रही है. सूचना के आधार पर उत्पाद इंस्पेक्टर प्रकाश कुमार राम के नेतृत्व में एएसआई राजा जन्मेजय और टीम ने कार्रवाई करते हुए संदिग्ध ऑटो को रोक लिया.


कॉपियों के बंडल को देखकर नहीं हुआ शक

ऑटो की तलाशी के दौरान टीम को बोरियों में कॉपियों के बंडल रखे मिले. पहली नजर में इन बंडलों को देखकर किसी तरह का संदेह नहीं हुआ. लेकिन सूचना के आधार पर जब उत्पाद विभाग की टीम ने बंडल खोलकर जांच की तो पूरा मामला सामने आ गया.


जांच में पता चला कि कॉपियों को बीच से काटकर उनके अंदर शराब की बोतलें छिपाई गई थीं. कॉपियों और शराब की बोतलों को इस तरह पैक किया गया था कि बाहर से देखने पर यह सामान्य कॉपियों का बंडल ही नजर आए.


उत्पाद विभाग की टीम ने बंडलों से कुल 360 बोतल शराब बरामद की. अधिकारियों के अनुसार, बरामद बोतलों पर उत्तर प्रदेश निर्मित होने का उल्लेख है. शराब की बोतलों की प्रारंभिक जांच में इसके नकली होने की आशंका जताई गई है.


उत्पाद विभाग ने बरामद शराब के सैंपल लिए हैं, जिन्हें जांच के लिए लैब भेजा गया है. लैब रिपोर्ट आने के बाद ही शराब की वास्तविकता और गुणवत्ता की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी.


ऑटो चालक गिरफ्तार

इस मामले में उत्पाद विभाग की टीम ने कांटी निवासी ऑटो चालक सद्दाम अंसारी को गिरफ्तार किया है. पूछताछ के दौरान उससे शराब की खेप से जुड़े लोगों और इसकी आपूर्ति के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है.


उत्पाद इंस्पेक्टर प्रकाश कुमार राम ने बताया कि ऑटो से शराब की आपूर्ति किए जाने की सूचना मिली थी. इसी सूचना के आधार पर कार्रवाई की गई और तलाशी के दौरान कॉपियों के बंडल के अंदर से शराब बरामद हुई.


उत्पाद विभाग ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. विभाग अब यह पता लगाने में जुटा है कि शराब की खेप कहां से लाई गई थी और इसे मुजफ्फरपुर में कहां पहुंचाया जाना था.