Bihar News : मुजफ्फरपुर के एक निजी अस्पताल में भीषण आग लगने से हुई पांच लोगों की दर्दनाक मौत के बाद बिहार सरकार सक्रिय हो गई है। घटना को लेकर राज्य के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि सरकार पूरे मामले की गंभीरता से जांच करवाएगी और आग लगने के कारणों का पता लगाया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस हादसे के पीछे जो भी वजह सामने आएगी, उसके आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। जबकि बिहार सरकार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने मुजफ्फरपुर की घटना पर कुछ नहीं बोला। पत्रकार लगातार उनसे सवाल करते रहे, लेकिन निशांत कुमार ने कोई जवाब नहीं दिया। 


वहीँ, उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि यह घटना बेहद दुखद और चिंताजनक है। किसी भी अस्पताल में इस प्रकार का हादसा होना कई सवाल खड़े करता है। सरकार यह जानने का प्रयास करेगी कि आग किन परिस्थितियों में लगी और क्या सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।


बताया जा रहा है कि मुजफ्फरपुर के इस निजी अस्पताल में देर रात अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने अस्पताल के एक बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया। घटना के समय अस्पताल में मरीज, उनके परिजन और स्वास्थ्यकर्मी मौजूद थे। आग लगने के बाद अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। लोगों ने किसी तरह जान बचाकर बाहर निकलने की कोशिश की, जबकि कई मरीजों को अस्पताल कर्मियों और स्थानीय लोगों की मदद से सुरक्षित बाहर निकाला गया।


हालांकि इस हादसे में चार लोगों की जान चली गई, जिससे पूरे इलाके में शोक का माहौल है। मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। प्रशासनिक अधिकारी भी तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी की।


इस बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताते हुए प्रत्येक मृतक के आश्रितों को चार-चार लाख रुपये अनुग्रह अनुदान देने की घोषणा की है। सरकार ने जिला प्रशासन को राहत कार्य में तेजी लाने और प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।


उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार लोगों की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह संवेदनशील है। उन्होंने कहा कि अस्पताल जैसी महत्वपूर्ण संस्थाओं में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि जांच में किसी स्तर पर चूक या नियमों की अनदेखी सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।


वहीं प्रशासन की ओर से भी आग लगने के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है। शुरुआती स्तर पर शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है, लेकिन अधिकारी अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से बच रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हादसे की वास्तविक वजह क्या थी।


मुजफ्फरपुर अस्पताल अग्निकांड ने एक बार फिर अस्पतालों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था और आपदा प्रबंधन की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सबकी नजर सरकार की जांच और उसके निष्कर्षों पर टिकी है, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।