Bihar Health Minister : मुजफ्फरपुर के एक निजी अस्पताल में लगी भीषण आग और उसमें कई मरीजों की मौत के बाद बिहार सरकार की कार्यशैली को लेकर सवाल उठने लगे हैं। हादसे के कई घंटे बाद बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया और जांच तथा राहत कार्यों का भरोसा दिलाया। हालांकि उनकी इस प्रतिक्रिया से पहले पटना में मीडिया के सवालों पर उनकी चुप्पी और जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा का पत्रकारों को सवाल पूछने से रोकना अब राजनीतिक बहस का विषय बन गया है।
गुरुवार तड़के मुजफ्फरपुर के एक निजी अस्पताल में आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों के बीच चीख-पुकार का माहौल बन गया। इस दर्दनाक हादसे में कई लोगों की जान चली गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए। घटना के बाद प्रशासन और राहत एजेंसियों ने बचाव अभियान चलाया, लेकिन इस बीच सरकार की ओर से तत्काल प्रतिक्रिया नहीं आने पर विपक्ष ने सवाल उठाने शुरू कर दिए।
हादसे के बाद स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार पटना में मौजूद थे। पत्रकारों ने उनसे इस गंभीर घटना को लेकर सवाल पूछने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। इतना ही नहीं, उनके साथ मौजूद जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा भी मीडिया के सवालों से बचते नजर आए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जब पत्रकार लगातार सवाल पूछ रहे थे, तब संजय झा ने आगे बढ़कर बातचीत को रोकने की कोशिश की और मीडिया कर्मियों को किनारे करने लगे। इस घटनाक्रम का वीडियो भी चर्चा का विषय बना हुआ है।
इसी बीच कुछ घंटों बाद दिल्ली पहुंचने पर निशांत कुमार ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट से पोस्ट कर घटना पर दुख जताया। उन्होंने लिखा कि मुजफ्फरपुर के निजी अस्पताल में आग लगने से कई लोगों की मृत्यु का समाचार अत्यंत दुःखद और हृदयविदारक है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि जिला प्रशासन को घायल मरीजों की सुरक्षा और उपचार के लिए हर संभव कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।
स्वास्थ्य मंत्री ने अपने पोस्ट में यह भी कहा कि राहत कार्य युद्धस्तर पर चलाने के आदेश दिए गए हैं और इस दुखद घटना की विस्तृत जांच कराई जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि हादसे के लिए जो भी जिम्मेदार होगा, उसकी जवाबदेही तय की जाएगी। साथ ही उन्होंने दिवंगत आत्माओं की शांति और शोकाकुल परिवारों को धैर्य प्रदान करने की प्रार्थना की।
हालांकि राजनीतिक गलियारों में अब यह चर्चा तेज हो गई है कि इतने बड़े हादसे के बाद स्वास्थ्य मंत्री की पहली प्रतिक्रिया तुरंत क्यों नहीं आई। विपक्षी दल सरकार की संवेदनशीलता पर सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि जब राज्य में स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़ा इतना बड़ा हादसा हुआ, तब स्वास्थ्य मंत्री को तत्काल घटनास्थल की जानकारी लेकर मीडिया और जनता को भरोसा दिलाना चाहिए था। दूसरी ओर जदयू नेताओं का कहना है कि सरकार पूरी गंभीरता से मामले की निगरानी कर रही है और राहत-बचाव कार्यों को प्राथमिकता दी गई है। पार्टी नेताओं का दावा है कि जांच के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल मुजफ्फरपुर अग्निकांड को लेकर पूरे बिहार में शोक और आक्रोश का माहौल है। मृतकों के परिजन न्याय की मांग कर रहे हैं, जबकि लोगों की नजरें अब सरकार की जांच और कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट से यह साफ हो सकेगा कि अस्पताल में आग लगने की असली वजह क्या थी और इस भयावह हादसे के लिए आखिर कौन जिम्मेदार है।