मुजफ्फरपुर: कांटी थाना क्षेत्र के हाउसिंग बोर्ड और एनएच किनारे रात के समय राहगीरों और वाहन चालकों को निशाना बनाए जाने के आरोपों को लेकर स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोगों ने इलाके में कथित ‘हसीना गैंग’ के सक्रिय होने का दावा किया है। हालांकि, पुलिस जांच में अभी तक इस गैंग से जुड़े होने के ठोस साक्ष्य नहीं मिले हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार, कथित गैंग के सदस्य सड़क किनारे खड़े होकर वाहन चालकों से लिफ्ट मांगते थे। आरोप है कि जैसे ही कोई बाइक, कार या ट्रक चालक वाहन रोकता था, आसपास पहले से मौजूद साथी उसके साथ मारपीट कर नकदी, मोबाइल और अन्य सामान छीन लेते थे।
कथित घटनाओं को लेकर स्थानीय लोगों ने गुरुवार रात हाउसिंग बोर्ड के पास घेराबंदी की। वार्ड सदस्य अखिलेश कुमार, मो. अनवर समेत अन्य लोग मौके पर पहुंचे। इसी दौरान सड़क किनारे मास्क लगाए एक व्यक्ति को देखकर लोगों को शक हुआ। पूछताछ के बाद मास्क हटवाया गया तो वह ट्रांसजेंडर पाया गया। स्थानीय लोगों ने उसके एक साथी को भी पकड़ लिया और दोनों को पुलिस के हवाले कर दिया।
पूछताछ में क्या कहा?
पूछताछ के दौरान ट्रांसजेंडर व्यक्ति ने कथित तौर पर बताया कि वह लूट या छिनतई के लिए नहीं, बल्कि अपनी आजीविका के लिए सड़क किनारे आता है। मास्क लगाने के सवाल पर उसने अपनी पहचान छिपाने की बात कही।
ठोस साक्ष्य नहीं मिलने पर पीआर बॉन्ड पर छोड़ा
पश्चिमी एसडीपीओ-1 सुचित्रा कुमारी ने बताया कि स्थानीय लोगों की सूचना पर दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई थी। हालांकि, कथित ‘हसीना गैंग’ से उनके जुड़े होने के ठोस साक्ष्य नहीं मिले। इसके बाद दोनों को पीआर बॉन्ड पर छोड़ दिया गया।
एसडीपीओ ने बताया कि पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और इलाके में गश्त बढ़ाई गई है। कथित गैंग से जुड़े अन्य लोगों के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो की भी जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में यह वीडियो कथित गैंग से जुड़ा हुआ प्रतीत नहीं हो रहा है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि उन्हें किसी गैंग या आपराधिक घटना से संबंधित ठोस जानकारी मिलती है तो तत्काल पुलिस को इसकी सूचना दें।