Bihar Flood : मुजफ्फरपुर में बाढ़ के बीच राहत और बचाव अभियान के दौरान मंगलवार को बड़ा नाव हादसा हो गया। पारू प्रखंड के कुबौली ढाला गांव में बाढ़ पीड़ितों को सुरक्षित निकालने के लिए निकली नाव अचानक पलट गई। नाव पर करीब आधा दर्जन लोग सवार बताए जा रहे हैं। हादसे के बाद दो बच्चों के डूबने से मौत की सूचना है। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरातफरी मच गई। सूचना मिलते ही SDRF की टीम मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव अभियान शुरू कर दिया।
बताया जा रहा है कि कुबौली ढाला गांव के कई इलाके इस समय बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं। लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए प्रशासन और स्थानीय स्तर पर नाव से रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान बाढ़ के तेज बहाव के बीच नाव का संतुलन बिगड़ गया और वह पानी में पलट गई। नाव में सवार लोग अचानक गहरे पानी में गिर गए। हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने अपने स्तर से भी बचाव की कोशिश शुरू कर दी। नाव हादसे में जिन दो बच्चों की मौत की सूचना सामने आई है, उनकी पहचान मुन्ना पासवान के पुत्र सनी कुमार और जय किशोर के पुत्र विकास कुमार के रूप में बताई जा रही है। हालांकि, राहत और बचाव अभियान अभी जारी है और प्रशासन की ओर से मृतकों की संख्या तथा हादसे की पूरी स्थिति की आधिकारिक पुष्टि अभियान पूरा होने के बाद स्पष्ट होने की बात कही जा रही है।
घटना की सूचना मिलते ही SDRF की टीम सक्रिय हो गई। टीम बाढ़ के पानी में डूबे लोगों की तलाश कर रही है। स्थानीय लोगों की मदद से भी रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। बाढ़ के पानी की गहराई और तेज बहाव के कारण बचाव दल को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन की टीम लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।हादसे के बाद पुलिस और प्रशासन के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। जानकारी के अनुसार सिटी एसपी के भी बाढ़ प्रभावित इलाके में पहुंचने की बात सामने आई है। अधिकारियों की मौजूदगी में राहत और बचाव कार्य को तेज किया जा रहा है। प्रशासन की प्राथमिकता पानी में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालना और लापता लोगों की तलाश करना है।
मुजफ्फरपुर में पिछले कुछ दिनों से बाढ़ की स्थिति कई इलाकों में गंभीर बनी हुई है। गंडक नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी के बाद पारू प्रखंड समेत आसपास के कई क्षेत्रों में बाढ़ का पानी फैल गया है। बड़ी संख्या में लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। कई ग्रामीण इलाकों का मुख्य मार्ग से संपर्क भी प्रभावित हुआ है। ऐसे में लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए नावों का सहारा लिया जा रहा है।पारू के चक्की सोहागपुर पंचायत में भी बाढ़ की स्थिति गंभीर बताई जा रही है। यहां करीब 6,500 लोगों के बाढ़ से प्रभावित होने और कई रास्तों के बंद होने की रिपोर्ट सामने आई है। ग्रामीणों के सामने सबसे बड़ी चुनौती सुरक्षित स्थान तक पहुंचने और जरूरी सामान जुटाने की बनी हुई है। प्रशासन की ओर से राहत एवं बचाव कार्य जारी रखने की बात कही जा रही है।
मुजफ्फरपुर में नाव हादसे की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले औराई प्रखंड में बागमती की उपधारा में नाव पलटने की घटना सामने आई थी। उस हादसे में 15 वर्षीय किशोरी के लापता होने की सूचना मिली थी। नाव पर सवार अन्य लोग किसी तरह तैरकर सुरक्षित बाहर निकल गए थे। इसके बाद प्रशासन और SDRF की टीम ने किशोरी की तलाश के लिए अभियान चलाया था। लगातार बाढ़ और नाव हादसों ने प्रभावित इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ा दी है। बाढ़ के पानी के बीच राहत और बचाव के लिए नावों का इस्तेमाल जरूरी हो गया है, लेकिन तेज बहाव वाले क्षेत्रों में नाव से आवाजाही के दौरान खतरा भी बना हुआ है। ऐसे में प्रशासन की ओर से लोगों को सावधानी बरतने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की जा रही है।
फिलहाल कुबौली ढाला में हुए नाव हादसे के बाद SDRF की टीम डूबे लोगों की तलाश में जुटी हुई है। सनी कुमार और विकास कुमार की मौत की सूचना सामने आई है। हादसे में कितने लोग प्रभावित हुए और नाव पलटने की वास्तविक वजह क्या थी, इसकी पूरी तस्वीर राहत और बचाव अभियान पूरा होने तथा प्रशासन की आधिकारिक रिपोर्ट के बाद स्पष्ट होगी। स्थानीय लोगों की नजर भी अब इस बात पर टिकी है कि पानी में फंसे या लापता लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।