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मुजफ्फरपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई: अंतर्राज्यीय साइबर ठग गिरोह का भंडाफोड़, दो गिरफ्तार

मुजफ्फरपुर पुलिस ने ऑपरेशन साइबर प्रहार के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतर्राज्यीय साइबर ठग गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास से मोबाइल, लैपटॉप, डेबिट कार्ड और बैंक दस्तावेज समेत कई डिजिटल साक्ष्य बरामद किए हैं।

08-Mar-2026 07:48 PM

By First Bihar

MUZAFFARPUR: मुजफ्फरपुर जिले की पुलिस ने साइबर अपराधियों के खिलाफ चल रहे 'ऑपरेशन साइबर प्रहार' के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) कांतेश कुमार मिश्रा के कुशल निर्देशन में पुलिस ने अंतर्राज्यीय स्तर पर सक्रिय एक शातिर साइबर ठग गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो मुख्य अभियुक्तों को मुजफ्फरपुर में गिरफ्तार किया है। ये अपराधी इन्वेस्टमेंट और ऑनलाइन गेमिंग फ्रॉड के माध्यम से देशभर के मासूम लोगों को अपनी ठगी का शिकार बना रहे थे।


छापेमारी और गिरफ्तारी

पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि रामपुरहरि थाना क्षेत्र के सलेमापुर और गोरिगामा टोला में कुछ अपराधी डिजिटल फ्रॉड की वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। सूचना की गंभीरता को देखते हुए साइबर थाने के डीएसपी हिमांशु कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। इस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चिन्हित ठिकानों पर छापेमारी की और अर्जुन कुमार तथा रणधीर कुमार नामक दो युवकों को रंगे हाथों दबोच लिया। पूछताछ के दौरान दोनों ने स्वीकार किया कि वे लंबे समय से इस अवैध धंधे में शामिल थे।


30 राज्यों तक फैला था ठगी का जाल

गिरफ्तारी के बाद हुई शुरुआती जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, वे बेहद चौंकाने वाले हैं। पुलिस द्वारा जब्त किए गए मोबाइल नंबरों और बैंक खातों की जब नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर जांच की गई, तो पता चला कि इनके खिलाफ देश के 30 से अधिक राज्यों में शिकायतें दर्ज हैं। यह गिरोह मुख्य रूप से ऊंचे रिटर्न का लालच देकर निवेश कराने और फर्जी गेमिंग ऐप्स के जरिए लोगों के बैंक खातों में सेंध लगाता था। इनका नेटवर्क इतना विस्तृत था कि ये बिहार में बैठकर सुदूर दक्षिण और पूर्वोत्तर राज्यों के लोगों को भी अपना निशाना बना रहे थे।


भारी मात्रा में डिजिटल साक्ष्य बरामद

पुलिस ने छापेमारी के दौरान इन अपराधियों के पास से तकनीकी उपकरणों और बैंकिंग दस्तावेजों का एक बड़ा जखीरा बरामद किया है। 

बरामद सामानों की सूची इस प्रकार है:

09 स्मार्टफ़ोन (विभिन्न सक्रिय सिम कार्ड्स के साथ)

14 अलग-अलग बैंकों के डेबिट कार्ड और 01 पासबुक

11 चेक बुक (जिनमें से 03 पर पहले से ही हस्ताक्षर किए हुए थे)

01 लैपटॉप, पैन कार्ड और आधार कार्ड

05 फर्जी मुहरें (जिनका उपयोग संभवतः कागजात तैयार करने में होता था)


साइबर डीएसपी की जनता से अपील

SSP कांतेश कुमार मिश्रा के निर्देश पर साइबर डीएसपी ने प्रेस वार्ता में बताया कि पुलिस अब इन अपराधियों के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने में जुटी है। गिरफ्तार अभियुक्तों के बैंक ट्रांजेक्शन की बारीकी से जांच की जा रही है ताकि गिरोह के अन्य सदस्यों और इनके आकाओं तक पहुँचा जा सके।


उन्होंने आम नागरिकों को चेतावनी देते हुए कहा कि"डिजिटल युग में सावधानी ही सुरक्षा है। किसी भी अनजान इन्वेस्टमेंट स्कीम, घर बैठे पैसे कमाने वाले विज्ञापनों या संदिग्ध गेमिंग ऐप्स के झांसे में न आएं। अपनी ओटीपी (OTP), पिन या बैंकिंग विवरण किसी के भी साथ साझा न करें। यदि आप ठगी का शिकार होते हैं, तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर सूचना दें।"