Bihar News: बिहार में पूर्ण शराबबंदी के बावजूद शराब तस्कर अवैध कारोबार के लिए लगातार नए-नए तरीके अपना रहे हैं. लेकिन उत्पाद विभाग की सतर्कता के कारण उनके कई ऐसे तरीके भी सामने आ रहे हैं, जिन्हें देखकर अधिकारी भी हैरान रह जाते हैं. मुजफ्फरपुर में ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जहां तस्करों ने बांस की आड़ में लाखों रुपये की विदेशी बीयर छिपाकर बिहार लाने की कोशिश की, लेकिन उनका पूरा खेल पकड़ा गया.
उत्पाद विभाग की टीम ने एक कंटेनर से करीब 30 लाख रुपये मूल्य की विदेशी कैन बीयर बरामद की है. तस्करों ने कंटेनर के अंदर बांस का ढेर लगाकर उसके नीचे एक गुप्त चैंबर बना रखा था. इसी सीक्रेट तहखाने में बीयर की बड़ी खेप छिपाई गई थी, ताकि जांच के दौरान किसी को शक न हो.
जानकारी के अनुसार, यह कंटेनर असम से बिहार की ओर आ रहा था. बाहर से देखने पर कंटेनर में सिर्फ बांस लदा हुआ दिखाई दे रहा था. ड्राइवर और खलासी भी यही बता रहे थे कि गाड़ी में केवल बांस है. लेकिन उत्पाद विभाग को पहले से शराब की खेप आने की सूचना मिल चुकी थी.
सूचना मिलने के बाद उत्पाद थानाध्यक्ष दीपक कुमार सिंह के नेतृत्व में टीम ने बोचहा से लेकर गायघाट के मैठी टोल प्लाजा तक जांच अभियान शुरू किया. इसी दौरान मझौली इलाके में एक संदिग्ध कंटेनर को रोका गया.
जांच के दौरान अधिकारियों को कंटेनर की बनावट पर शक हुआ. इसके बाद जब बांस के ढेर को हटाकर अंदर की तलाशी ली गई तो तस्करों की पूरी चाल सामने आ गई. बांस के नीचे बनाए गए गुप्त चैंबर में विदेशी बीयर के कार्टन छिपाकर रखे गए थे.
उत्पाद विभाग के अधिकारियों ने बताया कि कंटेनर से 350 से अधिक कार्टन विदेशी कैन बीयर बरामद की गई है. बरामद बीयर की कीमत करीब 30 लाख रुपये आंकी गई है. मौके से कंटेनर चालक और खलासी को गिरफ्तार कर लिया गया.
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान चालक अमित कुमार और खलासी निक्की कुमार के रूप में हुई है. दोनों मुजफ्फरपुर जिले के करजा थाना क्षेत्र के रहने वाले बताए जा रहे हैं.
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि शराब की यह खेप मुजफ्फरपुर में ही पहुंचाई जानी थी. हालांकि पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस तस्करी के पीछे कौन लोग शामिल हैं और इस नेटवर्क को कौन संचालित कर रहा है.
उत्पाद विभाग का कहना है कि शराब तस्करी से जुड़े लोगों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है. तस्कर भले ही शराब छिपाने के लिए नए तरीके अपना रहे हैं, लेकिन जांच और खुफिया सूचना के आधार पर ऐसे मामलों में कार्रवाई जारी रहेगी.