MUZAFFARPUR: मुजफ्फरपुर जिले में अपराध और साइबर ठगी पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। गंभीर अपराधों के जरिए अवैध संपत्ति अर्जित करने वाले अपराधियों की संपत्ति जब्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने बताया कि गृह विभाग के निर्देश पर हत्या, लूट, रंगदारी, शराब तस्करी, नशे के कारोबार और साइबर फ्रॉड जैसे मामलों में शामिल करीब एक दर्जन अपराधियों को चिह्नित किया गया है।
12 अपराधियों की संपत्ति जब्ती का प्रस्ताव
एसएसपी ने बताया कि अब तक 12 अपराधियों की संपत्ति जब्त करने का प्रस्ताव भेजा जा चुका है। इनमें सात मामलों में न्यायालय से आदेश भी प्राप्त हो गया है, जबकि अन्य मामलों में प्रक्रिया जारी है। उन्होंने बताया कि अगले एक सप्ताह में अन्य चिन्हित अपराधियों की सूची तैयार कर उनकी संपत्ति जब्ती का प्रस्ताव भी भेजा जाएगा।
128 साइबर केस दर्ज, 19 आरोपी गिरफ्तार
मुजफ्फरपुर में इस वर्ष अब तक साइबर अपराध के 128 मामले दर्ज किए गए हैं। इन मामलों में पुलिस ने 19 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपितों में पांच डिजिटल अरेस्ट के जरिए ठगी करने वाले और चार अंतरराज्यीय साइबर अपराधी शामिल हैं। पुलिस की कार्रवाई से साइबर ठगी की रकम वापस कराने में भी सफलता मिली है। अब तक करीब 6 करोड़ 43 लाख रुपये की ठगी की राशि विभिन्न बैंक खातों में होल्ड कराई गई है। इनमें से 82 लाख 68 हजार रुपये पीड़ितों को वापस दिलाए जा चुके हैं।
बिना FIR के भी वापस होगी साइबर ठगी की रकम
एसएसपी ने बताया कि मुख्यालय के निर्देश पर एमआरए-एम पोर्टल के माध्यम से साइबर ठगी के पीड़ितों को बिना एफआईआर दर्ज कराए भी राशि वापस कराने की व्यवस्था शुरू की गई है। इसके तहत अब तक 306 पीड़ितों को करीब 19 लाख 37 हजार रुपये वापस कराए जा चुके हैं। हालांकि, कुछ मामलों में न्यायालय में बॉन्ड जमा कराने की प्रक्रिया पूरी होने के कारण राशि लौटाने में समय लग रहा है।
हर महीने चलेगा ‘साइबर मंगलवार’ अभियान
साइबर अपराध से लोगों को बचाने के लिए पुलिस की ओर से प्रत्येक माह के दूसरे और चौथे मंगलवार को ‘साइबर मंगलवार’ के रूप में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत पुलिस अधिकारी स्कूल, कॉलेज और अन्य शिक्षण संस्थानों में पहुंचकर लोगों और विद्यार्थियों को साइबर ठगी से बचने के तरीके बता रहे हैं।
एसएसपी ने कहा कि अब इस अभियान को केवल शहर और शिक्षण संस्थानों तक सीमित नहीं रखा जाएगा। इसे ग्रामीण इलाकों और पंचायत स्तर तक पहुंचाया जाएगा। सहयोग शिविरों में भी पुलिस की ओर से स्टॉल लगाकर लोगों को साइबर अपराध के प्रति जागरूक किया जाएगा। निजी या सरकारी स्कूल-कॉलेज अपने यहां साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कराना चाहते हैं तो वे साइबर थाने से संपर्क कर सकते हैं।
सहयोग पोर्टल पर 814 शिकायतों का निपटारा
पुलिस से संबंधित शिकायतों के लिए संचालित सहयोग पोर्टल पर अब तक 864 मामले प्राप्त हुए हैं। इनमें से 814 शिकायतों का निर्धारित समय सीमा के भीतर निष्पादन किया जा चुका है। वहीं, जिले में पुलिस बल को मजबूत करने के लिए नियुक्त किए गए 694 नए सिपाहियों में से 682 ने योगदान दे दिया है। इन सिपाहियों को अररिया, बेगूसराय समेत विभिन्न प्रशिक्षण केंद्रों में भेजा जा रहा है। इसके अलावा सीतामढ़ी जिला बल के 273 सिपाहियों का मुजफ्फरपुर में प्रशिक्षण इसी सप्ताह शुरू हुआ है। पुलिस का कहना है कि अपराध नियंत्रण के साथ-साथ साइबर अपराध के खिलाफ जागरूकता और कार्रवाई को भी लगातार मजबूत किया जा रहा है।