Bihar News : मुजफ्फरपुर में जमीन हेराफेरी से जुड़े मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुसहरी के अंचलाधिकारी (CO) महेंद्र शुक्ला को गिरफ्तार किया है। अहियापुर थाना क्षेत्र में जमीन से जुड़े मामले में नाम सामने आने के बाद उन्हें पहले ही निलंबित किया गया था। अब पुलिस ने पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी की पुष्टि मुजफ्फरपुर के SSP कांतेश कुमार मिश्रा ने की है।
जानकारी के अनुसार, पूरा मामला अहियापुर थाना क्षेत्र की जमीन से जुड़ा हुआ है। जमीन के कागजात और उससे संबंधित प्रक्रिया में कथित तौर पर हुई हेराफेरी को लेकर शिकायत और जांच शुरू हुई थी। जांच आगे बढ़ने के बाद इस मामले में मुसहरी के तत्कालीन अंचलाधिकारी महेंद्र शुक्ला की भूमिका भी सामने आई। इसके बाद प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित कर दिया गया था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाया। जमीन से जुड़े दस्तावेजों, रिकॉर्ड और संबंधित लोगों से पूछताछ की गई। इसी क्रम में महेंद्र शुक्ला से भी पूछताछ की गई। पुलिस के अनुसार, पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस पूरे मामले में उनकी भूमिका और जमीन की कथित हेराफेरी से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।
बताया जा रहा है कि जिस जमीन को लेकर मामला सामने आया, वह अहियापुर थाना क्षेत्र में स्थित है। जमीन से संबंधित दस्तावेजों और राजस्व रिकॉर्ड में कथित गड़बड़ी को लेकर मामला पुलिस तक पहुंचा था। इसके बाद जांच शुरू हुई। प्रशासनिक कार्रवाई के तहत महेंद्र शुक्ला को निलंबित किया गया और अब पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया है।
जमीन से जुड़े मामलों में अंचल कार्यालय की भूमिका काफी महत्वपूर्ण होती है। दाखिल-खारिज, जमाबंदी और राजस्व रिकॉर्ड से जुड़े काम इसी स्तर पर होते हैं। ऐसे में किसी भी तरह की कथित गड़बड़ी सामने आने पर मामला गंभीर हो जाता है। महेंद्र शुक्ला की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि जमीन से जुड़े इस पूरे मामले में कौन-कौन लोग शामिल थे और कथित हेराफेरी किस स्तर पर हुई।
पुलिस ने महेंद्र शुक्ला से मामले को लेकर पूछताछ की। पूछताछ के बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। मुजफ्फरपुर के SSP कुमार मिश्रा ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि जमीन से जुड़े मामले में कार्रवाई की गई है। अब पुलिस आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रही है।
इस गिरफ्तारी के बाद राजस्व विभाग और अंचल कार्यालय से जुड़े कामकाज पर भी सवाल उठने लगे हैं। पुलिस की जांच में अगर जमीन के रिकॉर्ड में जानबूझकर बदलाव, गलत तरीके से दस्तावेज तैयार करने या किसी को लाभ पहुंचाने जैसी बातें सामने आती हैं तो मामले में अन्य लोगों पर भी कार्रवाई हो