Bihar News: लखीसराय अशोक धाम मंदिर हादसे के बाद मुजफ्फरपुर जिला प्रशासन पूरी तरह से सतर्क हो गया है। चौथे सोमवार को बाबा गरीबनाथ धाम में जुटने वाली श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा और व्यवस्था पुख्ता कर दी गई है। डीएम कुमार गौरव और एसएसपी ने अन्य अधिकारियों के साथ रामदयालु से बाबा गरीबनाथ मंदिर तक तथा फकुली मोड़ से मंदिर मार्ग का व्यापक स्थल निरीक्षण किया।



डीएम ने कहा कि श्रावणी मेला का आयोजन पूर्णतः सुविधायुक्त और 'इंसिडेंट-फ्री' (दुर्घटनामुक्त) होना चाहिए। जन सुरक्षा से किसी भी प्रकार का खिलवाड़, लापरवाही या ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि व्यवस्था में कोई चूक मिली, तो संबंधित अधिकारियों पर कठोर अनुशासनात्मक और विभागीय कार्रवाई तय है।




निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों को श्रद्धालुओं के प्रवेश और निकास द्वार को सुचारू, सुव्यवस्थित और अवरोध-मुक्त रखने का निर्देश दिया। मंदिर परिसर से लेकर सरैयागंज टावर तक विशेष निगरानी रखने को कहा गया है।




महत्वपूर्ण सूचनाओं के प्रसार के लिए पब्लिक एड्रेस सिस्टम को बेहतर बनाने और सीसीटीवी तथा आईसीसीसी (ICCC) के जरिए चौबीसों घंटे अचूक निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। श्रद्धालुओं के मार्ग में कोई भी अनधिकृत वेंडर या दुकान नहीं रहेगी। उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। ट्रैफिक पुलिस को प्रेशर और क्रिटिकल पॉइंट्स को चिन्हित कर बल तैनात करने तथा तय पार्किंग स्थलों का सख्ती से पालन कराने का निर्देश दिया गया है।



डीएम ने कहा कि सफल आयोजन प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए नगर निगम, स्वास्थ्य, पीएचईडी, पुलिस, आपदा प्रबंधन, विद्युत, अग्निशमन और भवन निर्माण सहित सभी विभागों को टीम भावना के साथ काम करना होगा।




चिह्नित स्थलों पर एसडीआरएफ की टीमें तैनात रहेंगी। सिविल सर्जन को पर्याप्त एम्बुलेंस, डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ की प्रतिनियुक्ति के आदेश दिए गए हैं। श्रद्धालुओं के लिए टेंट सिटी, पेयजल, शौचालय, प्रकाश व्यवस्था, वॉच टावर, ड्रॉप गेट और प्राथमिक चिकित्सा शिविरों की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।




भवन निर्माण विभाग को मजबूत बैरिकेडिंग और पथ निर्माण विभाग को रास्ते दुरुस्त रखने का निर्देश मिला है। डीएम कुमार गौरव ने श्रद्धालुओं और आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाह, अपुष्ट या भ्रामक सूचनाओं पर ध्यान न दें और न ही उन्हें प्रसारित करें। प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक एडवाइजरी और निर्देशों का ही पालन करें। आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरा प्रशासनिक तंत्र अलर्ट मोड पर है।