मुजफ्फरपुर के मीनापुर प्रखंड में फर्जी TET अंक पत्र के आधार पर शिक्षिका की नौकरी हासिल करने का मामला सामने आया है. निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की जांच में अंक पत्र में गड़बड़ी सामने आने के बाद प्राथमिक विद्यालय पैगम्बरपुर हनुमान में पदस्थापित नियोजित शिक्षिका ज्ञान्ती कुमारी के खिलाफ सिवाइपट्टी थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है. आरोप है कि शिक्षिका ने वर्ष 2011 के TET अंक पत्र में 90 अंक दर्शाकर वर्ष 2014 में शिक्षक पद पर नियुक्ति हासिल की, जबकि बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के रिकॉर्ड में उनके सिर्फ 50 अंक दर्ज हैं.
पटना हाईकोर्ट के आदेश के बाद हुई प्रमाणपत्रों की जांच
जानकारी के अनुसार, पटना हाईकोर्ट के आदेश के आलोक में शिक्षिका के शैक्षणिक और नियुक्ति से जुड़े प्रमाणपत्रों की निगरानी अन्वेषण ब्यूरो से जांच कराई गई थी. इसी जांच के दौरान वर्ष 2011 के TET अंक पत्र का सत्यापन कराया गया, जिसमें अंक को लेकर गड़बड़ी सामने आई.
ज्ञान्ती कुमारी ने वर्ष 2014 में ग्राम पंचायत नियोजन इकाई पैगम्बरपुर में अप्रशिक्षित शिक्षिका के पद पर नियुक्ति के लिए आवेदन किया था. आवेदन के साथ उन्होंने वर्ष 2011 का TET अंक पत्र भी जमा किया था. इसी अंक पत्र में 90 अंक दर्ज होने की बात सामने आई है.
बोर्ड के रिकॉर्ड में 90 नहीं, 50 अंक
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने अंक पत्र में दर्ज जानकारी का सत्यापन बिहार विद्यालय परीक्षा समिति, पटना से कराया. बोर्ड से प्राप्त सत्यापन रिपोर्ट में संबंधित रोल नंबर के आधार पर अभ्यर्थी को 90 अंक नहीं, बल्कि 50 अंक मिलने की जानकारी दी गई.
जांच रिपोर्ट के अनुसार, 50 अंक होने के कारण संबंधित अभ्यर्थी TET परीक्षा में उत्तीर्ण नहीं थी. इसके बावजूद 90 अंक वाला अंक पत्र प्रस्तुत कर शिक्षक नियोजन में आवेदन करने और नियुक्ति हासिल करने का आरोप है.
निगरानी की शिकायत पर दर्ज हुई FIR
अंक पत्र के सत्यापन में गड़बड़ी सामने आने के बाद निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के इंस्पेक्टर दिवाकर कुमार दिनकर की शिकायत पर मामले में प्राथमिकी दर्ज कराने की कार्रवाई की गई. सिवाइपट्टी थाने में शिक्षिका ज्ञान्ती कुमारी के साथ ही मामले में शामिल अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है.
12 साल से कर रही थी नौकरी
आरोप के मुताबिक, ज्ञान्ती कुमारी ने वर्ष 2014 में फर्जी अंक पत्र के आधार पर शिक्षक पद पर नियुक्ति हासिल की थी और इसके बाद से वह लगातार नौकरी कर रही थीं. करीब 12 साल बाद प्रमाणपत्रों की जांच के दौरान TET अंक पत्र में दर्ज अंकों को लेकर यह गड़बड़ी सामने आई है.
प्राथमिकी दर्ज होने के बाद मामले की जांच की जिम्मेदारी सब-इंस्पेक्टर सूर्यप्रकाश रंजन को सौंपी गई है. पुलिस अब नियुक्ति के दौरान जमा किए गए दस्तावेजों, TET अंक पत्र और उससे जुड़े रिकॉर्ड की जांच करेगी. साथ ही मामले में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका होने की जानकारी मिलने पर उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है.
फिलहाल शिक्षिका के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर उनका पक्ष सामने नहीं आया है. मामले में आगे की कार्रवाई पुलिस जांच और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर की जाएगी.