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22-Dec-2025 01:30 PM
By First Bihar
Land Dispute : बिहार के राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने आज मुजफ्फरपुर में जन संवाद कार्यक्रम के दौरान भूमि से जुड़े मामलों में अधिकारियों की लापरवाही पर कड़ी फटकार लगाई। यह कार्यक्रम भूमि सुधार और राजस्व व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था।
इस दौरान मुसहरी पंचायत से जुड़े एक मामले को लेकर समस्या सामने आई। मामले की जानकारी मिलने के बाद मंत्री ने मौके पर उपस्थित अधिकारियों को जमकर डांटा और साफ-साफ कहा कि किसी भी हाल में उन्होंने मामले में ढील नहीं बरतनी है। उन्होंने विशेष रूप से मूसहरी के एडीएम को चेतावनी देते हुए कहा CO को कहा -, “मुझे 10 दिनों के अंदर रिपोर्ट दें। यदि 10 दिनों के अंदर रिपोर्ट नहीं मिली तो आपको तो हटाया जाएगा हीऔर उसके बाद क्या होगा, यह आप खुद समझ लीजिए। मुझे किसी भी हाल में 10 दिनों के अंदर पूरी जानकारी चाहिए।”
मंत्री ने यह भी कहा कि दाखिल-खारिज मामलों में भी बड़ी अनदेखी हो रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि इस प्रक्रिया में 80% मामलों में अनदेखी पाई जा रही है जबकि इन मामलों में तुरंत हां या नहीं का निर्णय होना चाहिए। विजय कुमार सिन्हा ने स्पष्ट किया कि वे किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने कहा, “मैं किसी भी तरह का कोई कोताही बर्दाश्त नहीं करूंगा। यदि 10 दिनों के अंदर मुझे जवाब नहीं मिला, तो न केवल ट्रांसफर होगा बल्कि उसके बाद क्या होगा, वह आप खुद समझ लीजिए।”
मंत्री के अंदाज में स्पष्ट शब्दों का प्रयोग इस बात को दर्शाता है कि वे भूमि सुधार और राजस्व मामलों में तेजी और जवाबदेही सुनिश्चित करना चाहते हैं। उन्होंने कहा, “ये एडीएम कहा गया, जरा देखो क्या मामला है। और CO मुझे 10 दिनों के अंदर या मेरे मुख्य सचिव को इस मामले में जवाब दीजिए। यदि 10 दिनों के अंदर जवाब नहीं मिला, तो फिर समझिए कि हम आपके साथ क्या करेंगे।”
जानकारी के अनुसार, बिहार सरकार पिछले कुछ समय से जमीन से जुड़े मामलों में पारदर्शिता लाने और शिकायतों का शीघ्र निपटारा सुनिश्चित करने के लिए लगातार कदम उठा रही है। इसी कड़ी में मंत्री विजय कुमार सिन्हा विभिन्न जिलों में जन संवाद कार्यक्रम कर रहे हैं। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य जनता को सीधे अपने मुद्दों को उठाने का अवसर देना और अधिकारियों को जवाबदेह बनाना है।
मंत्री ने यह भी संकेत दिया कि लापरवाही करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उनका कहना है कि न केवल रिपोर्ट समय पर प्रस्तुत नहीं करने वालों को पदच्युत किया जाएगा, बल्कि उनके खिलाफ आगे की कार्रवाई भी की जा सकती है।
मंत्री के इस कदम से बिहार में भूमि से जुड़े विवादों के त्वरित समाधान की उम्मीद बढ़ी है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों पर सख्ती लागू करने से केवल मामलों का निपटारा ही नहीं होगा, बल्कि भूमि विवादों में हो रही धांधली और भ्रष्टाचार पर भी अंकुश लगेगा।
इस कार्यक्रम में स्थानीय लोग भी उपस्थित हैं और उन्होंने मंत्री की इस सख्त प्रतिक्रिया का स्वागत किया। उनके अनुसार, लंबे समय से जमीन से जुड़े मामलों में देरी और अनदेखी की शिकायतें आम जनता की सबसे बड़ी समस्या बनी हुई थी। मंत्री के इस रवैये से उम्मीद जताई जा रही है कि अब मामलों का निपटारा तेजी से होगा और जनता को न्याय मिलने में सुविधा होगी।
विजय कुमार सिन्हा का यह जन संवाद न केवल अधिकारियों को चेतावनी देने वाला कार्यक्रम है, बल्कि यह बिहार सरकार की भूमि सुधार नीतियों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने का एक महत्वपूर्ण कदम भी है। उन्होंने यह साफ कर दिया कि अब किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और हर अधिकारी को समय पर कार्रवाई करनी होगी।