MUZAFFARPUR: बिहार सरकार के मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता की शिकायत के बाद मुजफ्फरपुर के जिलाधिकारी (डीएम) कुमार गौरव एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। इसी कड़ी में डीएम कुमार गौरव ने जिले के कुढ़नी अंचल कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। इस औचक निरीक्षण के दौरान अंचल कार्यालय में भारी अव्यवस्था और कई गंभीर खामियां उजागर हुईं।


 कार्यशैली में लापरवाही देखकर जिलाधिकारी बेहद नाराज हुए और उन्होंने मौके पर ही अंचल अधिकारी (सीओ) को कड़ी फटकार लगाई। इसके साथ ही उन्होंने दो राजस्व कर्मचारियों के खिलाफ प्रपत्र 'क' गठित करने का निर्देश अपर समाहर्ता (एडीएम) को दिया है। मामले की जानकारी देते हुए डीएम कुमार गौरव ने बताया कि मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता द्वारा अंचल कार्यालय में जनता के कार्यों में लापरवाही बरते जाने की शिकायत मिली थी। इसके बाद जब औचक निरीक्षण किया गया, तो पाया गया कि करीब सात पंचायतों के बहुत से आवेदन कार्यालय में लंबे समय से लंबित (पेंडिंग) पड़े थे।


इनमें से दो पंचायतों की स्थिति तो बेहद खराब पाई गई, जहां आम जनता के महत्वपूर्ण आवेदनों पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही थी। इस गंभीर लापरवाही को देखते हुए दोनों संबंधित पंचायतों के राजस्व कर्मचारियों के खिलाफ तत्काल प्रपत्र 'क' गठित करने का आदेश दिया गया है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि यदि जांच में ये कर्मचारी दोषी पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही उन्होंने अंचल अधिकारी को एक सप्ताह के भीतर कार्यालय की सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने का कड़ा निर्देश दिया है।


अंचल कार्यालय के बाद जिलाधिकारी कुमार गौरव ने कुढ़नी के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) का भी औचक निरीक्षण किया। स्वास्थ्य केंद्र में पहुंचते ही डीएम को साफ-सफाई की बेहद खराब स्थिति देखने को मिली। इसके अलावा स्वास्थ्य सेवाओं और व्यवस्थाओं में कई अन्य खामियां भी सामने आईं। अस्पताल की इस बदहाली को देखकर डीएम ने स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी और अन्य संबंधित कर्मियों को जमकर फटकार लगाई। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि एक सप्ताह के अंदर अस्पताल की सभी व्यवस्थाएं ठीक हो जानी चाहिए। यदि तय समय सीमा के भीतर स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।