BIHAR NEWS : मुजफ्फरपुर में बिहार सरकार के मंत्री की जुबान ऐसी फिसली कि सोशल मीडिया वालों को नया “सिलेबस” मिल गया। कार्यक्रम सीधे बिहार के बच्चों की कैरियर से जुड़े विभाग का था ऐसे में मंत्री जी भी आए थे और लिहाजा मीडिया थी… लेकिन जैसे ही मीडिया के लोगों ने मंत्री जी से सवाल किया तो जवाब देने में का विभाग ही बदल गया यानी उन्हें याद ही नहीं रहा की वह सरकार में किस विभाग के मंत्री है । बस फिर क्या था, इंटरनेट की जनता ने मौके पर चौका मार दिया।
मुजफ्फरपुर के कांटी तिवारी टोला स्थित में कार्यक्रम के दौरान मंत्री जी बड़े आत्मविश्वास से बोले —“हमारी सरकार ने मुझे स्वास्थ्य मंत्री की जिम्मेदारी दी है…” इतना सुनते ही कैमरे रिकॉर्ड करते रहे और सोशल मीडिया की “फैक्ट चेक यूनिवर्सिटी” एक्टिव हो गई। क्योंकि हकीकत यह है कि बिहार सरकार के मंत्री जी स्वास्थ्य मंत्री नहीं है बल्कि अन्य विभाग के मंत्री है। लेकिन जबतक मंत्री जी कुछ समझते तबतक को सभी कहानी पूरी हो चुकी थी।
कुछ ही देर में फेसबुक, एक्स और व्हाट्सऐप यूनिवर्सिटी पर मीम्स की बाढ़ आ गई। किसी ने लिखा —“बिहार में मंत्री जी का हाल ऐसा है कि खुद विभाग भूल गए!” तो किसी ने तंज कसा —“लगता है मंत्री जी सही में जिस विभाग के मंत्री है उस विभाग को अब ICU में भर्ती करने की तैयारी है।”एक यूजर ने मजाक उड़ाते हुए पोस्ट किया —“जब कैबिनेट की बैठक ज्यादा और विभाग की फाइलें कम पढ़ी जाएं, तब यही होता है।”
वहीं दूसरे ने लिखा —“मंत्री ने बता दिया कि वह विभाग के मंत्री है उसे अब इलाज की जरूरत है।” सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर विपक्ष को भी बैठे-बिठाए मुद्दा मिल गया। विपक्षी नेताओं और समर्थकों ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जिनके हाथ में इतने बड़े विभाग की कमान है, उन्हें अपना विभाग तक याद नहीं है, ऐसे में छात्रों का भविष्य भगवान भरोसे है।
हालांकि राजनीति में जुबान फिसलना कोई नई बात नहीं है। इससे पहले भी कई बड़े नेता मंच से गलत नाम, गलत पद या उल्टे बयान देकर वायरल हो चुके हैं। लेकिन बिहार की राजनीति में इस बयान ने इसलिए ज्यादा तूल पकड़ लिया क्योंकि मामला सीधे सबसे अहम विभाग से जुड़ा था और बयान देने वाले खुद बड़े विभाग के मंत्री थे।
कार्यक्रम में मौजूद कुछ लोगों ने इसे सामान्य मानवीय भूल बताया। उनका कहना था कि लगातार कार्यक्रमों और भाषणों के दबाव में कभी-कभी शब्द बदल जाते हैं। लेकिन इंटरनेट की जनता भला इतनी आसानी से छोड़ने वाली कहां थी। मिनटों में मंत्री जी के बयान पर रील, मीम और व्यंग्यात्मक वीडियो बनने लगे।
दिलचस्प बात यह रही कि मंत्री जी का यह बयान ऐसे समय में वायरल हुआ है जब बिहार सरकार इस विभाग में सुधार और नई योजनाओं को लेकर लगातार प्रचार कर रही है। ऐसे में विपक्ष इस वायरल क्लिप को सरकार की “तैयारी और गंभीरता” से जोड़कर हमला बोल रहा है। अब यह जुबान फिसलने भर की घटना थी या फिर सोशल मीडिया को मिला नया कंटेंट, यह अलग बहस है। लेकिन इतना तय है कि मंत्री जी का यह बयान बिहार की राजनीति में कुछ दिनों तक “मीम मैटेरियल” बना रहेगा।