Bihar News: बिहार में शराबबंदी कानून लागू होने के बावजूद शराब तस्करी का खेल लगातार जारी है। ताजा मामला मुजफ्फरपुर जिले से सामने आया है, जहां जिला उत्पाद विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लग्जरी कार से भारी मात्रा में विदेशी शराब बरामद की है। इस कार्रवाई में हरियाणा के दो अंतरराज्यीय शराब तस्करों को भी गिरफ्तार किया गया है। बरामद शराब की कीमत करीब 7 से 8 लाख रुपये बताई जा रही है।


जानकारी के मुताबिक, जिला उत्पाद विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि अहियापुर थाना क्षेत्र के सिपाहपुर गांव स्थित एक मकान में भारी मात्रा में विदेशी शराब छिपाकर रखी गई है। सूचना मिलते ही विभाग हरकत में आया और टीम गठित कर देर रात छापेमारी की गई। जब अधिकारियों ने मकान की तलाशी ली तो वहां खड़ी एक नई लग्जरी कार पर शक हुआ। जांच के दौरान कार की डिग्गी से भारी मात्रा में हरियाणा निर्मित ब्रांडेड विदेशी शराब बरामद की गई।


बताया जा रहा है कि शराब को बेहद शातिराना तरीके से कार में छिपाया गया था, ताकि पुलिस और उत्पाद विभाग की नजर से बचा जा सके। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि कार पर फर्जी नंबर प्लेट लगाई गई थी। अधिकारियों का मानना है कि तस्कर प्रशासन को चकमा देकर लंबे समय से इस नेटवर्क को चला रहे थे।


मामले को लेकर दीपक कुमार सिंह ने बताया कि पकड़ी गई लग्जरी कार करीब एक महीने पहले हरियाणा से शराब लेकर उत्तर प्रदेश के रास्ते बिहार पहुंची थी। शराब को सुरक्षित तरीके से उतारने के लिए सिपाहपुर गांव के एक सुनसान मकान को अस्थायी गोदाम बनाया गया था।


गिरफ्तार दोनों आरोपी हरियाणा के रहने वाले बताए जा रहे हैं। इनमें एक कार का मालिक है, जबकि दूसरा मुख्य शराब तस्कर बताया जा रहा है। पूछताछ में यह भी सामने आया कि मुख्य आरोपी का पहले से आपराधिक रिकॉर्ड रहा है और वह शराब तस्करी के मामले में जेल भी जा चुका है। जमानत पर बाहर आने के बाद उसने फिर से शराब तस्करी का नेटवर्क खड़ा कर लिया।


उत्पाद विभाग अब इस पूरे रैकेट की तह तक पहुंचने में जुट गया है। अधिकारियों के मुताबिक, यह पता लगाया जा रहा है कि हरियाणा में शराब किसने लोड करवाई, रास्ते में किन लोगों की मदद मिली और बिहार में किन-किन सप्लायरों तक यह खेप पहुंचाई जानी थी।


सूत्रों की मानें तो इस नेटवर्क में कई स्थानीय लोगों के भी शामिल होने की आशंका है। विभाग अब ‘बैकवर्ड’ और ‘फॉरवर्ड’ लिंक खंगाल रहा है, ताकि पूरे सिंडिकेट का पर्दाफाश किया जा सके।


इस कार्रवाई के बाद एक बार फिर बिहार में शराबबंदी कानून की जमीनी हकीकत पर सवाल खड़े हो गए हैं। आए दिन बड़ी मात्रा में शराब बरामद होने के बावजूद तस्कर नए-नए तरीके अपनाकर शराब की खेप बिहार पहुंचाने में लगे हैं।