MUNGER: बिहार के मुंगेर में विजयादशमी के मौके पर रावण वध की भव्य तैयारी की गई है। शहर के ऐतिहासिक पोलो मैदान में रावण, कुंभकरण और मेघनाथ के विशालकाय पुतलों का दहन किया जाएगा।
इस बार रावण का पुतला 40 फीट ऊंचा होगा, जबकि कुंभकरण और मेघनाद के पुतले 30-30 फीट के बनाए जा रहे हैं। कार्यक्रम में हजारों लोगों के पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा से लेकर भीड़ नियंत्रण और लोगों की सुरक्षित निकासी तक के खास इंतजाम किए हैं।
मुंगेर के ऐतिहासिक पोलो मैदान में बुधवार, 21 अक्टूबर को शाम छह बजे रावण वध कार्यक्रम का आयोजन होगा। श्री रामलीला मैदान दुर्गा स्थान ट्रस्ट और मारवाड़ी युवा मंच की मुंगेर शाखा की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम की तैयारियां अंतिम चरण में हैं।
रावण वध से पहले शाम पांच बजे भगवान राम, लक्ष्मण और हनुमान के वनवासी स्वरूप की आकर्षक झांकी निकाली जाएगी। यह झांकी रथ पर सवार होकर श्री रामलीला मैदान दुर्गा स्थान से शुरू होगी और ढोल-भांगड़ा के साथ शहर के अलग-अलग रास्तों से होते हुए पोलो मैदान पहुंचेगी।
इस बार रावण का पुतला करीब 40 फीट ऊंचा बनाया जा रहा है। वहीं, कुंभकरण और मेघनाद के पुतलों की ऊंचाई लगभग 30-30 फीट होगी। रावण का पुतला स्थानीय कलाकार विनोद जी तैयार कर रहे हैं। कार्यक्रम में बाहर से आने वाली आतिशबाजी की विशेष टीम भी लोगों के आकर्षण का केंद्र रहेगी।
सुरक्षा के लिए प्रशासन ने किए खास इंतजाम
रावण वध देखने के लिए हर साल बड़ी संख्या में लोग पोलो मैदान पहुंचते हैं। इस बार भी हजारों लोगों के जुटने की संभावना है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं।जिलाधिकारी निखिल धनराज और पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर किले के तीनों गेट पर पुलिस बल तैनात किया गया है। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कई जगहों पर बैरिकेडिंग भी की गई है।
कार्यक्रम खत्म होने के बाद लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए विशेष फील्ड लाइट की व्यवस्था की गई है। इससे शाम के समय मैदान से बाहर निकलने में लोगों को परेशानी नहीं होगी। प्रशासन और आयोजन समिति ने लोगों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए तैयारियां की हैं।
साथ ही लोगों से अपील की गई है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से कार्यक्रम का आनंद लें और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें। कुल मिलाकर, मुंगेर के पोलो मैदान में इस बार रावण वध को लेकर खास तैयारियां की गई हैं। अब लोगों को शाम के उस पल का इंतजार है, जब भगवान राम के हाथों रावण वध के साथ बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया जाएगा।