MUNGER: मुंगेर में गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर चुका है। गंगा का जलस्तर 39.36 मीटर पर पहुंच गया है, जबकि खतरे का निशान 39.33 मीटर है। यानी गंगा खतरे के निशान से 3 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। जलस्तर बढ़ने के साथ ही बाढ़ का पानी अब निचले इलाकों के साथ-साथ रिहायशी क्षेत्रों में भी प्रवेश करने लगा है। स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन हाई अलर्ट पर है।


मुंगेर मुख्यालय के लाल दरवाजा स्थित गीता बाबू रोड पूरी तरह बाढ़ के पानी में डूब गई है। यह सड़क मुंगेर गंगा नदी पर बने श्रीकृष्ण सेतु के लिंक पथ के रूप में भी इस्तेमाल होती है। सड़क पर कई फीट तक पानी जमा होने के कारण वाहन चालकों को पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है।


तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह लोग अपनी जान जोखिम में डालकर पानी के बीच से वाहन लेकर गुजर रहे हैं। वहीं, बाढ़ का पानी लाल दरवाजा इलाके के कई घरों में भी प्रवेश कर चुका है। इससे स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं और शहर के रिहायशी इलाकों पर भी बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है।


सबसे चिंता की बात यह है कि गंगा के जलस्तर में लगातार तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। फिलहाल जलस्तर करीब 2.5 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। अगर जलस्तर इसी गति से बढ़ता रहा तो गंगा का पानी 40.99 मीटर की हाई डेंजर लाइन तक पहुंच सकता है। ऐसे में मुंगेर के बड़े हिस्से में बाढ़ की स्थिति और गंभीर होने की आशंका है।


फिलहाल जिला प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। निचले इलाकों के साथ-साथ रिहायशी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।