Bihar Flood Alert: बिहार में बाढ़ की स्थिति को लेकर पटना से लेकर भागलपुर तक जिला प्रशासन अलर्ट मोड में काम कर रहा है। मुंगेर जिले में गंगा नदी समेत अन्य ग्रामीण क्षेत्रों की नदियों में जलस्तर में अप्रत्याशित वृद्धि और लगातार हो रही बारिश को देखते हुए बाढ़ की आशंका बढ़ गई है। स्थिति को गंभीरता से लेते हुए मुंगेर जिला प्रशासन ने आपदा प्रबंधन को लेकर बड़ा फैसला लिया है। जिले के सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की अवकाश स्वीकृति तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी गई है।



मुंगेर समाहरणालय की गोपनीय शाखा की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि वर्तमान परिस्थितियों में गंगा नदी एवं अन्य ग्रामीण क्षेत्र की नदियों में जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। इसके परिणामस्वरूप बाढ़ की संभावना बनी हुई है। कई शहरी क्षेत्रों में भी बाढ़ का पानी प्रवेश करने की स्थिति बन रही है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में बाढ़ का पानी नए इलाकों में फैल रहा है।



आपदा की स्थिति को देखते हुए सभी जिला स्तरीय, अनुमंडल स्तरीय और प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों एवं कर्मियों के साथ-साथ तकनीकी पदाधिकारियों, सहायक अभियंताओं और कनीय अभियंताओं की पहले से स्वीकृत छुट्टियां तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी गई हैं। आदेश में सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिया गया है कि वे मुख्यालय में 24 घंटे उपलब्ध रहें और अपने दूरभाष को अनिवार्य रूप से सक्रिय रखें, ताकि आपात स्थिति में तत्काल संपर्क किया जा सके।



जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि विशेष परिस्थितियों को छोड़कर कोई भी संबंधित अधिकारी या कर्मचारी मुख्यालय से बाहर नहीं जाएगा। अपरिहार्य स्थिति में भी मुख्यालय छोड़ने के लिए सक्षम अधिकारी की अनुमति लेना अनिवार्य होगा।आदेश में यह भी कहा गया है कि निर्देशों का उल्लंघन करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।



मुंगेर समाहरणालय की गोपनीय शाखा की ओर से जारी आदेश में बताया गया है कि यह आदेश पूर्व में जारी कार्यालय आदेश ज्ञापांक 2427/रोग, दिनांक 17 अगस्त 2026 में संशोधन करते हुए जारी किया गया है। जिला प्रशासन ने मौजूदा बाढ़ की संभावित स्थिति को देखते हुए सभी संबंधित विभागों को सतर्क रहने और किसी भी आपात परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया है।