Munger Anurag Poddar Case: मुंगेर के बहुचर्चित अनुराग पोद्दार हत्याकांड में वर्षों बाद एक बार फिर जांच की हलचल तेज हो गई है। सवाल बड़ा है कि आखिर 2022 में हाईकोर्ट में अंतिम जांच रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद अब CID को दोबारा जांच की जरूरत क्यों पड़ी?



सबसे चौंकाने वाली बात ये है कि CID की टीम ने अनुराग के परिजनों से पूछताछ के दौरान सिर्फ एक सवाल पर अपना पूरा फोकस रखा—अनुराग दाएं हाथ से काम करता था या बाएं हाथ से? आखिर इस एक सवाल का अनुराग हत्याकांड की जांच से क्या कनेक्शन है? क्या इस सवाल के जवाब से गोली लगने की दिशा, घटना की परिस्थितियों या जांच के किसी अहम पहलू की नई कड़ी जुड़ सकती है?



दरअसल, वर्ष 2020 में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान पुलिस की गोलीबारी में श्रद्धालु अनुराग पोद्दार की मौत हो गई थी। घटना के बाद मुंगेर में जमकर बवाल हुआ था। कई जगह आगजनी और विरोध प्रदर्शन हुए थे। मामला हाईकोर्ट तक पहुंचा और कोर्ट के निर्देश पर कोतवाली थाना में केस दर्ज किया गया। इसके बाद मामले की जांच CID की विशेष टीम को सौंपी गई।



CID ने करीब 15 महीने तक जांच की और 12 जुलाई 2022 को हाईकोर्ट में अंतिम जांच रिपोर्ट भी सौंप दी। लेकिन सवाल आज भी वही है—अनुराग की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों पर अब तक क्या कार्रवाई हुई? अब करीब चार साल बाद एक बार फिर CID की टीम मुंगेर पहुंची है। डीएसपी CID सह अनुसंधानकर्ता फैजल के नेतृत्व में टीम अनुराग के बेकापुर लोहापट्टी स्थित घर पहुंची और उसके पिता अमरनाथ पोद्दार, मां और बहन का दोबारा बयान दर्ज किया।.



पूछताछ में जिस एक सवाल पर खास जोर रहा, उसने पूरे मामले को फिर से चर्चा में ला दिया है। अनुराग दाएं हाथ से काम करता था या बाएं हाथ से? सवाल ये है कि आखिर CID के लिए अनुराग के हाथ के इस्तेमाल की जानकारी इतनी अहम क्यों हो गई? क्या जांच टीम किसी खास घटनाक्रम, गोली की दिशा या पूर्व में दर्ज बयानों की पड़ताल कर रही है? या फिर जांच में सामने आए किसी नए तथ्य को पुराने घटनाक्रम से जोड़ने की कोशिश हो रही है?



इससे पहले 7 जुलाई 2026 को CID के वरीय डीएसपी और अनुसंधानकर्ता सत्यकाम ने मामले के गवाह गौरव कुमार को नोटिस देकर पटना CID मुख्यालय बुलाया था और उसका दोबारा बयान दर्ज किया था। यानी अब गवाह के बाद मृतक के परिजनों से भी दोबारा पूछताछ हुई है। 



अब सबसे बड़ा सवाल यही है जब 2022 में CID अपनी अंतिम जांच रिपोर्ट हाईकोर्ट में सौंप चुकी थी, तो चार साल बाद फिर से जांच की जरूरत क्यों पड़ी? क्या जांच में कोई नया तथ्य सामने आया है? क्या पुराने अनुसंधान में कोई ऐसी कड़ी छूट गई थी, जिसे अब जोड़ने की कोशिश हो रही है? सबसे अहम अनुराग हत्याकांड में जिन लोगों पर आरोप लगे, उनके खिलाफ अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई? इन सवालों के जवाब का इंतजार सिर्फ अनुराग का परिवार ही नहीं, बल्कि मुंगेर की जनता भी कर रही है।

रिपोर्ट- मो. इम्तियाज खान, मुंगेर