MADHUBANI: मधुबनी जिले के सकरी थाना क्षेत्र में NH-27 किनारे स्थित एक रेस्ट हाउस में कथित देह व्यापार के धंधे का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। वरीय पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार को मिली गुप्त सूचना के आधार पर एसडीपीओ के नेतृत्व में गठित टीम ने रॉयल रेस्ट हाउस में छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने तीन युवतियों को मुक्त कराया, जबकि चार दलालों को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस के अनुसार, सामाजिक कार्यकर्ता के माध्यम से एसएसपी योगेंद्र कुमार को सूचना मिली थी कि सकरी थाना क्षेत्र के नरपतिनगर में NH-27 किनारे स्थित एक टायर दुकान के ऊपरी हिस्से में संचालित रॉयल रेस्ट हाउस में बाहर से युवतियों को लाकर कथित रूप से देह व्यापार कराया जा रहा है।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एसएसपी ने सदर-01 के प्रभारी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी आलोक कुमार के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की। टीम में सकरी थानाध्यक्ष मनोज कुमार, महिला थाना अध्यक्ष रीना भारती, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) के अधिकारी-कर्मी, फॉरेंसिक टीम और अतिरिक्त महिला एवं पुरुष पुलिस बल को शामिल किया गया।
दूसरे और तीसरे तल से तीन युवतियां मुक्त
पुलिस टीम ने रेस्ट हाउस की चारों तरफ से घेराबंदी कर तलाशी ली। तलाशी के दौरान दूसरे और तीसरे तल के अलग-अलग कमरों से तीन युवतियों को महिला पुलिसकर्मियों ने सुरक्षित अभिरक्षा में लिया। पुलिस ने कमरों से चार लोगों को भी पकड़ा।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के जगदल थाना क्षेत्र निवासी सौरभ मिस्त्री, मधुबनी के अंधराठाढ़ी थाना क्षेत्र निवासी दिनेश कुमार महतो, बिस्फी थाना क्षेत्र निवासी दिनेश कुमार और दरभंगा सदर थाना क्षेत्र निवासी पप्पू पासवान के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, छापेमारी के दौरान दो-तीन अन्य लोग मौके से फरार हो गए।
शादी और नौकरी का झांसा देने का आरोप
पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान मुक्त कराई गई युवतियों ने कथित तौर पर बताया कि गिरोह के मुख्य संचालक बंगाली उर्फ आलमगीर शेख, सौरभ मिस्त्री और दिनेश कुमार महतो द्वारा कोलकाता समेत अन्य इलाकों से युवतियों को प्रेम संबंध, शादी और अच्छे काम का झांसा देकर यहां लाया जाता था।
युवतियों ने कथित तौर पर आरोप लगाया कि यहां लाने के बाद उन्हें बंधक बनाकर मारपीट और जान से मारने की धमकी दी जाती थी तथा जबरन देह व्यापार कराया जाता था। पुलिस के मुताबिक, ग्राहकों से मिलने वाली रकम संचालक आपस में रख लेते थे। इन आरोपों की पुलिस आगे जांच कर रही है।
फॉरेंसिक टीम ने आपत्तिजनक सामग्री जब्त की
छापेमारी के दौरान फॉरेंसिक टीम ने कमरों की वीडियोग्राफी कराई और वहां से मिली आपत्तिजनक सामग्री एवं वस्त्रों को वैज्ञानिक साक्ष्य के तौर पर जब्त किया। रेस्ट हाउस के आसपास और पीछे के हिस्से में भी शराब की खाली बोतलें और इस्तेमाल किए गए कंडोम पाए जाने की बात सामने आई है।
चारों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने की तैयारी
पुलिस ने इस मामले में सकरी थाना में BNS की विभिन्न धाराओं और अनैतिक देह व्यापार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। गिरफ्तार चारों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया की जा रही है।
वहीं, पुलिस गिरोह के कथित मुख्य संचालक बंगाली उर्फ आलमगीर शेख की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।
सकरी थाना पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल
NH-27 जैसे प्रमुख मार्ग के किनारे रेस्ट हाउस में कथित रूप से लंबे समय से चल रहे इस धंधे की सूचना वरीय पुलिस अधिकारी तक पहुंचने के बाद कार्रवाई होने से स्थानीय स्तर पर सकरी थाना पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय सूत्रों का दावा है कि थाना अध्यक्ष के सरकारी नंबर पर संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन फोन नहीं उठाया गया। हालांकि, इस संबंध में पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद ही स्थिति और स्पष्ट होगी।
मधुबनी से कुमार गौरव की रिपोर्ट