PM Kisan KCC Scheme: अगर आपको भी किसान सम्मान निधि मिलती है, तो यह खबर आपके लिए है. दरअसल, इस योजना का लाभ लेने वाले किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना से जोड़ने के लिए सरकार ने एक नई पहल शुरू की है. इसको लेकर मधुबनी जिले में किसानों को इस योजना से जोड़ने की पहल तेज कर दी गई है. इसके तहत फार्मर आईडी बनवा चुके पात्र किसानों को केसीसी का लाभ दिलाने के लिए 2 नवंबर तक प्रखंडवार विशेष शिविर लगाए जाएंगे. प्रशासन ने संबंधित विभागों और बैंकों को निर्देश दिया है कि कोई भी पात्र किसान इस योजना के लाभ से वंचित न रहे.

विशेष शिविरों के माध्यम से किसानों के आवेदन तैयार कराने के साथ जरूरी दस्तावेजों से जुड़ी प्रक्रिया भी पूरी कराई जाएगी. इसमें पीएम-किसान योजना के लाभार्थियों और फार्मर आईडी के लिए पंजीकरण करा चुके पात्र किसानों को प्राथमिकता दी जाएगी. शिविरों के संचालन की जिम्मेदारी कृषि विभाग के साथ सहकारिता, जीविका, पशुपालन और मत्स्य विभाग के कर्मियों को दी गई है. ये सभी बैंक प्रतिनिधियों के साथ समन्वय बनाकर किसानों के आवेदन तैयार कराएंगे.


केसीसी योजना की समीक्षा के दौरान वित्तीय वर्ष 2025-26 की तुलना में 2026-27 की पहली तिमाही के बाद केसीसी खातों की संख्या में 23.2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई. वहीं, बकाया ऋण राशि में भी 25.9 प्रतिशत की कमी सामने आई.


इस पर उप विकास आयुक्त ने नाराजगी जताते हुए जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक और नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक को बैंकों के साथ नियमित समीक्षा करने का निर्देश दिया. उन्होंने योजना के निर्धारित लक्ष्य को पूरा करने के लिए कार्ययोजना तैयार करने पर जोर दिया.


विशेष शिविरों के दौरान प्रत्येक कर्मी को कम से कम 15 केसीसी आवेदन तैयार कराने का लक्ष्य दिया गया है. प्रखंड कृषि पदाधिकारी को शिविरों का नोडल पदाधिकारी बनाया गया है. कृषि विभाग के कर्मी अन्य संबंधित विभागों और बैंक प्रतिनिधियों के सहयोग से किसानों को आवेदन प्रक्रिया पूरी करने में मदद करेंगे.


आवेदन के लिए इन दस्तावेजों की होगी जरूरत

केसीसी के लिए आवेदन करने वाले किसानों को शिविर में आधार कार्ड, पैन कार्ड, पीएम-किसान लाभार्थी पहचान से संबंधित विवरण और अद्यतन भूमि स्वामित्व प्रमाणपत्र (LPC) या लगान रसीद लेकर पहुंचना होगा.


विशेष शिविर संबंधित प्रखंड के कृषि कार्यालय सभागार में निर्धारित तिथियों पर सुबह 11 बजे से आयोजित किए जाएंगे. किसानों को सलाह दी गई है कि वे जरूरी दस्तावेज साथ लेकर पहुंचें, ताकि आवेदन तैयार करने में परेशानी न हो.


वित्तीय वर्ष 2026-27 में केसीसी के तहत ऋण वितरण के आधार पर बैंकों की रैंकिंग की जाएगी. बेहतर प्रदर्शन करने वाले बैंकों को सम्मानित करने के साथ विभागीय योजनाओं के आवंटन में प्राथमिकता देने की बात कही गई है.


वहीं, असंतोषजनक प्रदर्शन करने वाले बैंकों की रिपोर्ट जिला पदाधिकारी के माध्यम से वित्त विभाग को भेजी जाएगी. प्रशासन का जोर है कि विशेष शिविरों के जरिए अधिक से अधिक पात्र किसानों को केसीसी योजना से जोड़ा जाए और आवेदन प्रक्रिया में तेजी लाई जाए.