Nepal Protest: नेपाल में सोशल मीडिया बैन के खिलाफ भड़का छात्र और युवा आंदोलन अब भारत-नेपाल सीमा तक पहुंच गया है। मंगलवार को विराटनगर स्थित सीडीओ कार्यालय में प्रदर्शनकारियों ने जमकर तोड़फोड़ और आगजनी की, जिससे हालात बेकाबू हो गए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए नेपाल पुलिस ने कई इलाकों में कर्फ्यू लगा दिया है, लेकिन आंदोलन की लपटें अब जोगबनी बॉर्डर तक महसूस की जा रही है।


जोगबनी स्थित इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट के पास भी प्रदर्शनकारियों ने आगजनी की। भारतीय क्षेत्र में 56वीं बटालियन की SSB ने पूरे बॉर्डर को घेर कर सुरक्षा कड़ी कर दी है। द्वितीय सेनानायक संजीव कुमार खुद मौके पर कैंप कर स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। उनका कहना है कि रूटीन चेकिंग तेज कर दी गई है और नो-मैन्स लैंड तक सख्त निगरानी की जा रही है। नेपाल आर्म्ड फोर्स भी सीमा पर तैनात है।


इस आंदोलन के कारण सीमा पार सामान्य आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई है। मरीजों, छोटे व्यापारियों और स्थानीय नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। नेपाल में रहने वाले भारतीय कारोबारी ने बताया कि हिंसक माहौल के कारण उन्होंने अपनी दुकानें बंद कर दी हैं और हालात सामान्य होने का इंतजार कर रहे हैं। 


वहीं, नेपाली नागरिक ने कहा कि लोग डर के मारे घरों में बंद हैं, सामाजिक जीवन पूरी तरह प्रभावित हुआ है। खासकर विराटनगर और जोगबनी के बीच ‘बेटी-रोटी’ जैसे पारिवारिक संबंध भी इस आंदोलन की चपेट में आ गए हैं। उधर, अररिया के एसपी अंजनी कुमार सिंह ने जानकारी दी कि जोगबनी बॉर्डर पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। सीमा से लगे सभी थानों को अलर्ट कर दिया गया है और नेपाल की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। ज़रूरत पड़ने पर तत्काल कार्रवाई के लिए बल तैयार है।