Bihar news : मधुबनी जिले के बिस्फी प्रखंड अंतर्गत केरवार गांव से एक बेहद दर्दनाक और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां तालाब में नहाने गए छह बच्चों में से पांच की डूबने से मौत हो गई। इस हादसे के बाद पूरे गांव में कोहराम मच गया है और हर तरफ मातम का माहौल पसरा हुआ है। मासूम बच्चों की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं गांव में सन्नाटा और शोक का माहौल बना हुआ है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गांव के छह बच्चे रोज की तरह पास के तालाब में नहाने के लिए गए थे। शुरुआती तौर पर सब कुछ सामान्य लग रहा था, लेकिन अचानक पानी के गहरे हिस्से में जाने के कारण एक-एक कर सभी बच्चे डूबने लगे। बताया जा रहा है कि बच्चों को पानी की गहराई का अंदाजा नहीं था, जिसके कारण यह भयावह हादसा हो गया।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, जब बच्चों को डूबते देखा गया तो आसपास के कुछ लोग उन्हें बचाने के लिए तालाब की ओर दौड़े, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। ग्रामीणों ने किसी तरह प्रयास कर कुछ बच्चों को बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन पांच बच्चों की जान नहीं बचाई जा सकी।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और राहत व बचाव कार्य शुरू किया गया। पुलिस बल ने ग्रामीणों की मदद से सभी डूबे हुए बच्चों के शवों को तालाब से बाहर निकाला। इसके बाद शवों को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजने की तैयारी की जा रही है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ।
इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे केरवार गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। मृत बच्चों के घरों में मातम का माहौल है और परिजन बेसुध होकर रो रहे हैं। गांव के हर घर से चीख-पुकार की आवाजें सुनाई दे रही हैं, जिससे पूरा इलाका गमगीन हो गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि यह तालाब काफी गहरा है और यहां पहले भी कई बार खतरे की स्थिति बन चुकी है, लेकिन इसके बावजूद सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए थे। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे संवेदनशील स्थानों पर चेतावनी बोर्ड और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। स्थानीय प्रशासन ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है और पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया है। वहीं, पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना पूरे इलाके के लिए एक बड़ी चेतावनी बनकर सामने आई है, जहां लापरवाही और जागरूकता की कमी के कारण मासूम जानें चली गईं। गांव में अभी भी शोक और सन्नाटा पसरा हुआ है और लोग इस दर्दनाक हादसे को लेकर स्तब्ध हैं।