MADHUBANI: फुलपरास के बहुचर्चित और दिल दहला देने वाले सिर और पैर काटकर हत्या के मामले में झंझारपुर व्यवहार न्यायालय ने शनिवार को कड़ा फैसला सुनाया। जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश-तृतीय अनिल कुमार राम की अदालत ने हत्या और आपराधिक साजिश के दोषी पाए गए दो अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। दोनों पर 25-25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। जुर्माना नहीं चुकाने पर तीन-तीन माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।


अदालत ने घोघरडीहा निवासी प्रकाश मिश्रा उर्फ लादेन और सप्ता, रहिका निवासी किशोरी यादव उर्फ किशोर कुमार यादव को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 तथा 120बी/34 के तहत दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। इन दोनों धाराओं में दोषी करार देते हुए  आजजन्म कारावास के साथ ही दोनों धाराओं में दोषियों को अलग-अलग 25-25 हजार का जुर्माना लगाया गया है| साथ ही जुर्माना की राशि अदा नहीं करने पर 3-3 माह साधारण कारावास की सजा सुनाई गई है| वहीं मुकदमे के दौरान जेल में बिताई गई अवधि को सजा में समायोजित करने का आदेश दिया।


अभियोजन के अनुसार, 12 अक्टूबर 2023 को मृतक अमित कुमार यादव की मां सीता देवी ने फुलपरास थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि आरोपित अमित को भोज में ले जाने के बहाने अपने साथ बुलाकर ले गए थे। इसके बाद वह घर नहीं लौटा। पूरी रात परिजन उसकी तलाश करते रहे, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। अगली सुबह धनौजा-बहुअरवा नहर में बोरे में बंद सिर और पैर कटा शव बरामद हुआ। शव की पहचान अमित कुमार यादव के रूप में होते ही पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी। इस नृशंस वारदात ने उस समय लोगों को झकझोर कर रख दिया था।


सुनवाई के दौरान अपर लोक अभियोजक देवशंकर झा ने अभियोजन पक्ष की ओर से साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर प्रभावी बहस की। बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता विजय कुमार प्रसाद ने दलीलें पेश कीं। सूचक पक्ष के अधिवक्ता संजय कुमार सिन्हा ने फैसले को न्याय की जीत बताते हुए कहा कि अदालत ने जघन्य अपराध करने वालों को उनके कृत्य की उचित सजा दी है। अदालत ने मृतक की पत्नी कंचन कुमारी को बिहार विक्टिम कम्पेनसेशन स्कीम-2014 के तहत मुआवजा उपलब्ध कराने का निर्देश जिला विधिक सेवा प्राधिकार, मधुबनी को दिया है। इस फैसले को जघन्य अपराधों के विरुद्ध कड़ा न्यायिक संदेश माना जा रहा है।