Bihar Crime News: बिहार में शराबबंदी लागू हुए करीब एक दशक बीत चुका है, लेकिन नशे के अवैध कारोबार पर पूरी तरह लगाम नहीं लग सकी है. अब मधुबनी में नेपाल से गांजा मंगाकर उसकी सप्लाई करने वाले गिरोह का खुलासा हुआ है. लदनियां थाना क्षेत्र के बौरहा गांव में पुलिस ने छापेमारी कर 173 किलो 960 ग्राम गांजा बरामद किया है. मौके से गांजा की तौल और पैकेट तैयार करने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री भी जब्त की गई है. पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े फरार आरोपितों की तलाश में जुटी है.


पुलिस के मुताबिक, गिरोह नेपाल से गांजा मंगाकर उसे ठिकाने पर जमा करता था. इसके बाद गांजा को छोटे-छोटे पैकेट में तैयार कर अलग-अलग जगहों पर बेचा जाता था. पुलिस की इस कार्रवाई में भारी मात्रा में गांजा मिलने के बाद सीमावर्ती इलाके में सक्रिय तस्करी नेटवर्क को लेकर जांच तेज कर दी गई है.


जयनगर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ग्रामीण एसपी शिवम धाकड़ ने बरामदगी की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि छापेमारी में 173 किलो 960 ग्राम गांजा के अलावा डिजिटल तराजू, पैकेट तैयार करने वाली लोहे की मशीन और अन्य सामग्री जब्त की गई है. बरामद सामान से गांजा की तौल और उसे बिक्री के लिए तैयार किए जाने की आशंका सामने आई है.


इस मामले में बैजनाथ कामत उर्फ भानू कामत, रमेश कामत और रामबाबू पासवान को प्राथमिकी में फरार अभियुक्त बनाया गया है. पुलिस तीनों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है. जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि गांजा नेपाल से किस रास्ते लाया जाता था और इसकी सप्लाई किन-किन इलाकों में की जाती थी.


बिहार में शराब की बिक्री और सेवन पर प्रतिबंध के बावजूद गांजा समेत दूसरे मादक पदार्थों की तस्करी पुलिस के लिए चुनौती बनी हुई है. खासकर नेपाल से सटे जिलों में सीमा पार से होने वाली अवैध गतिविधियों पर नजर रखना महत्वपूर्ण है. मधुबनी में हुई इस कार्रवाई के बाद अब पुलिस की जांच इस बात पर केंद्रित है कि बरामद गांजा के पीछे कितने लोग जुड़े हैं और इसकी सप्लाई का दायरा कितना बड़ा है.


फिलहाल पुलिस फरार आरोपितों की गिरफ्तारी और गांजा तस्करी के पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है.