मधुबनी: मधुबनी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के पीजी हॉस्टल में जूनियर डॉक्टर के साथ मारपीट का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीजी प्रथम वर्ष के छात्र डॉ. सौरभ कुमार ने तीन सीनियर छात्रों पर गाली-गलौज, मारपीट, गला दबाने और लोहे की रॉड से सिर पर हमला करने का आरोप लगाया है। हमले में डॉ. सौरभ गंभीर रूप से घायल हो गए और कुछ देर के लिए बेहोश भी हो गए। घटना के बाद उन्हें इलाज के लिए डीएमसीएच ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार और टांके लगाने के बाद उनकी स्थिति स्थिर बताई गई है।

घटना मंगलवार और बुधवार की मध्यरात्रि करीब 12:40 बजे की बताई जा रही है। डॉ. सौरभ ने पुलिस अधीक्षक को दिए आवेदन में कहा है कि हॉस्टल में कुछ सीनियर छात्रों ने उन्हें अपने पास बुलाया था। वहां जाने से इनकार करने पर कथित तौर पर उनके साथ गाली-गलौज शुरू कर दी गई। आरोप है कि इसके बाद एक सीनियर छात्र ने उनके गले पर जोरदार धक्का दिया, जिससे वह जमीन पर गिर गए। इसी दौरान उनका गला दबाने की भी कोशिश की गई।

रॉड से सिर पर किया वार, खून से लथपथ हुए जूनियर डॉक्टर

शिकायत के मुताबिक, इसी दौरान एक अन्य छात्र ने लोहे की रॉड से डॉ. सौरभ के सिर पर हमला कर दिया। बचने के लिए उन्होंने सिर पीछे किया, लेकिन रॉड दाहिने कान के ऊपर जा लगी। इससे सिर में गहरा जख्म हो गया और काफी खून बहने लगा। इसके बाद दो अन्य छात्रों पर भी मुक्का-लात से मारपीट करने का आरोप लगाया गया है।

डॉ. सौरभ का आरोप है कि हमले के बाद उनकी हालत बिगड़ गई और वह मौके पर ही बेहोश हो गए। हॉस्टल के अन्य छात्रों ने उन्हें संभाला और इलाज के लिए डीएमसीएच पहुंचाया। वहां प्राथमिक उपचार के साथ सिर में टांके लगाए गए।डॉ. सौरभ ने पुलिस को यह भी बताया है कि हॉस्टल में लगे सीसीटीवी कैमरों में पूरी घटना रिकॉर्ड हुई हो सकती है। पुलिस अब फुटेज और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है।

तीनों आरोपी पीजी द्वितीय वर्ष के छात्र

पुलिस के अनुसार, मामले में तीन छात्रों को नामजद किया गया है। तीनों मधुबनी मेडिकल कॉलेज में पीजी द्वितीय वर्ष के छात्र बताए जा रहे हैं। पुलिस के मुताबिक, दो आरोपी पटना और एक राजस्थान का रहने वाला है। नगर थाने की पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और हॉस्टल पहुंचकर घटनास्थल से संबंधित साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। एसएसपी योगेंद्र कुमार ने मामले में नगर थानाध्यक्ष को प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

रैगिंग के आरोप ने बढ़ाई गंभीरता

इस पूरे मामले में रैगिंग का एंगल भी सामने आया है। घायल छात्र के पिता और पूर्व झंझारपुर जिला भाजपा अध्यक्ष ऋषिकेश राघव ने आरोप लगाया है कि उनके बेटे के साथ पहले भी रैगिंग का प्रयास किया जाता रहा था। उनका दावा है कि रैगिंग में असफल रहने के बाद तीन सीनियर छात्रों ने कथित तौर पर मंगलवार देर रात हमला किया।

ऋषिकेश राघव के अनुसार, घटना एक सीनियर छात्र की बर्थडे पार्टी के दौरान हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके बेटे पर रॉड और शीशे के ग्लास से हमला किया गया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी। उन्होंने बताया कि घटना की जानकारी मिलने के बाद परिवार के लोग और छात्र के सहयोगी उसे डीएमसीएच लेकर पहुंचे। घायल डॉ. सौरभ की हालत ऐसी थी कि वह मीडिया से बातचीत करने की स्थिति में नहीं थे।

कॉलेज प्रशासन ने शुरू की जांच

घटना की जानकारी मिलने के बाद मधुबनी मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने भी मामले को गंभीरता से लिया है। कॉलेज के प्रबंध निदेशक तौसीफ अहमद ने बताया कि हॉस्टल में पीजी छात्रों के बीच मारपीट की घटना हुई है। मामले को कॉलेज की अनुशासनात्मक समिति और एंटी रैगिंग समिति के सामने रखा गया है। कॉलेज प्रबंधन ने दो से तीन दिनों के भीतर जांच रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट के आधार पर दोषी पाए जाने वाले छात्रों के खिलाफ कॉलेज के नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी। इसमें निष्कासन जैसी कार्रवाई भी शामिल हो सकती है।

पिता ने कॉलेज प्रशासन पर उठाए सवाल

घायल छात्र के पिता ऋषिकेश राघव ने कॉलेज प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि कॉलेज परिसर में छात्रों की सुरक्षा को लेकर पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। उन्होंने प्रशासन से दोषियों पर कार्रवाई के साथ-साथ अपने बेटे की आगे की पढ़ाई के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।

फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की जांच कर रही है। अब जांच में यह स्पष्ट होगा कि हॉस्टल में उस रात वास्तव में क्या हुआ था और जूनियर डॉक्टर पर हमला किन परिस्थितियों में किया गया। रैगिंग के आरोपों की भी जांच कॉलेज की एंटी रैगिंग समिति और पुलिस स्तर पर की जा रही है।