बिहार के मधुबनी जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां जीबछ नदी में डूबने से दो सगे मासूम भाइयों की दर्दनाक मौत हो गई। यह हादसा रहिका थाना क्षेत्र के मलंगिया गांव में हुआ, जिसके बाद पूरे गांव में सन्नाटा और मातम पसरा हुआ है। परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और मां का रो-रोकर बुरा हाल है।


मिली जानकारी के अनुसार, मलंगिया गांव निवासी श्याम लाल सिंह की पत्नी सीमा देवी अपने 5 वर्षीय पुत्र ऋषि कुमार और 7 वर्षीय पुत्र समर कुमार के साथ खेत की ओर गई थीं। खेत जीबछ नदी के पास ही स्थित है। इसी दौरान करीब 11 बजे दिन में दोनों बच्चे खेलते-खेलते नदी के किनारे पहुंच गए।


खेल के दौरान अचानक छोटा बेटा ऋषि कुमार नदी की तेज धारा में गिर गया और डूबने लगा। उसे बचाने के लिए बड़ा भाई समर कुमार बिना कुछ सोचे-समझे नदी में कूद पड़ा। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था, दोनों ही मासूम गहरे पानी में समा गए और देखते ही देखते यह हादसा हो गया।


घटना की सूचना मिलते ही गांव में हड़कंप मच गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए और कुछ युवकों ने काफी प्रयास कर दोनों बच्चों को नदी से बाहर निकाला। आनन-फानन में उन्हें शहर के पास एक निजी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां डॉक्टरों ने 5 वर्षीय ऋषि कुमार को मृत घोषित कर दिया। वहीं समर कुमार की हालत गंभीर देखते हुए इलाज शुरू किया गया, लेकिन कुछ ही देर में उसने भी दम तोड़ दिया।


घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों में उम्मीद की एक आखिरी किरण तब जगी, जब कुछ लोगों ने झाड़-फूंक से बच्चों के जीवित होने की बात कही। इसके बाद दोनों बच्चों को इजरा गांव ले जाया गया, जहां एक ओझा ने करीब दो घंटे तक झाड़-फूंक की, लेकिन कोई चमत्कार नहीं हुआ। अंततः परिजन मायूस होकर दोनों शवों को वापस गांव ले आए।


इस दर्दनाक हादसे के बाद ग्रामीणों में आक्रोश भी देखने को मिला। लोगों का कहना है कि नदी की सफाई और सुरक्षा को लेकर लापरवाही बरती गई, जिसकी वजह से यह हादसा हुआ। सूचना मिलते ही रहिका थाना, नगर थाना सहित आसपास के थानों की पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया।


वहीं रहिका के अंचलाधिकारी सुरेश कुमार भी स्थानीय जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों को ढांढस बंधाया और सरकारी सहायता दिलाने का आश्वासन दिया। पुलिस ने दोनों बच्चों के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया है।


अंचलाधिकारी ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कर परिजनों को जल्द ही सरकारी सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी और नियमों के तहत हर संभव मदद दी जाएगी।