Bihar News: बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है। इसी कड़ी में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो (SVU) को एक बड़ी सफलता मिली है। मधुबनी जिले के जयनगर के तत्कालीन अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) रहे गुलाम मुस्तफा अंसारी की आय से अधिक अर्जित संपत्ति को विशेष अदालत ने राज्य सरकार के पक्ष में जब्त करने का आदेश दिया है। जब्त की जाने वाली संपत्ति का कुल मूल्य 49.03 लाख रुपये से अधिक बताया गया है।


निगरानी ब्यूरो के अनुसार, पूर्व एसडीओ के खिलाफ वर्ष 2016 में आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था। प्रारंभिक जांच में उनकी आय और संपत्ति के बीच बड़ा अंतर सामने आया, जिसके बाद विस्तृत जांच शुरू की गई।


जांच पूरी होने के बाद ब्यूरो ने विशेष न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। इसके बाद वर्ष 2021 में आरोपी की चल और अचल संपत्तियों को जब्त करने के लिए अदालत में आवेदन दिया गया। लंबी कानूनी प्रक्रिया और सुनवाई के बाद विशेष न्यायालय ने 1 अगस्त 2026 को फैसला सुनाते हुए 49,03,963 रुपये मूल्य की संपत्ति राज्य सरकार के पक्ष में जब्त करने का आदेश पारित कर दिया।


इस साल दो मामलों में 65 लाख से ज्यादा की संपत्ति जब्त

निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2026 में अब तक दो भ्रष्टाचार के मामलों में कुल 65.48 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त करने के आदेश जारी किए जा चुके हैं। इनमें सबसे बड़ा मामला मधुबनी के पूर्व एसडीओ गुलाम मुस्तफा अंसारी का है।


ब्यूरो का कहना है कि भ्रष्टाचार के मामलों में दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों की अवैध संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। इससे सरकारी सेवा में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने का संदेश जाएगा।


2011 से अब तक 32.83 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्ती

निगरानी ब्यूरो के रिकॉर्ड बताते हैं कि वर्ष 2011 से अब तक विशेष न्यायालयों ने 47 मामलों में आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने वाले आरोपित अधिकारियों की 32.83 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त करने के आदेश दिए हैं।


यदि हाल के वर्षों की बात करें तो:

- वर्ष 2024 में तीन मामलों में करीब 6.43 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त करने के आदेश दिए गए।

- वर्ष 2025 में तीन मामलों में लगभग 2.30 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई।

- वर्ष 2026 में अब तक दो मामलों में 65.48 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त करने का आदेश मिल चुका है।


भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश

विशेष अदालत के इस आदेश को भ्रष्टाचार के खिलाफ राज्य की कार्रवाई का महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। निगरानी विभाग का कहना है कि जिन सरकारी अधिकारियों के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के ठोस साक्ष्य मिलेंगे, उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ अवैध संपत्ति जब्त करने की प्रक्रिया भी तेज की जाएगी।


विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी कार्रवाई से सरकारी तंत्र में पारदर्शिता बढ़ेगी और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी। वहीं, यह फैसला अन्य सरकारी अधिकारियों के लिए भी स्पष्ट संदेश है कि अवैध तरीके से अर्जित संपत्ति कानून की पकड़ से बच नहीं सकती।