Bihar News : भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति के मामलों में सख्त कार्रवाई के बीच बिहार में एक बड़ा फैसला सामने आया है। निगरानी की विशेष अदालत ने मधुबनी जिले के जयनगर के तत्कालीन अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) गुलाम मुस्तफा अंसारी की करीब 49.03 लाख रुपये की कथित अवैध संपत्ति सरकार के पक्ष में जब्त करने का आदेश दिया है। अदालत ने सिर्फ पूर्व एसडीओ ही नहीं, बल्कि उनकी पत्नी और बेटे के नाम पर अर्जित संपत्तियों को भी जब्त करने का निर्देश दिया है।
निगरानी के विशेष न्यायाधीश ब्रजेश कुमार पाठक ने शनिवार को सुनवाई के दौरान यह फैसला सुनाया। अदालत ने स्पष्ट कहा कि प्रतिवादी अपनी संपत्तियों के वैध स्रोत से संबंधित कोई ठोस दस्तावेज पेश नहीं कर सके। ऐसे में आय से अधिक अर्जित संपत्ति को सरकार के पक्ष में जब्त किया जाना उचित है।
एक महीने की मोहलत, फिर होगी जब्ती की कार्रवाई
कोर्ट ने जिला प्रशासन को भी अहम निर्देश दिए हैं। आदेश में कहा गया है कि यदि पूर्व एसडीओ, उनकी पत्नी कयनात मुस्तफा और पुत्र शमस फिरदोस एक माह के भीतर संबंधित संपत्ति सरकार को नहीं सौंपते हैं, तो जिला पदाधिकारी (DM) कानूनी प्रक्रिया पूरी कर संपत्तियों की जब्ती सुनिश्चित करें।
रिश्वतखोरी के मामले से शुरू हुई थी जांच
पूरा मामला उस समय शुरू हुआ था जब निगरानी अन्वेषण ब्यूरो को गुलाम मुस्तफा अंसारी के खिलाफ रिश्वत लेने की शिकायत मिली थी। जांच के दौरान निगरानी की टीम ने उन्हें एक लाख रुपये रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया था।
गिरफ्तारी के बाद निगरानी ब्यूरो ने उनके विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी की। इस दौरान बड़ी मात्रा में जमीन के दस्तावेज, नकदी, बैंक निवेश और अन्य चल-अचल संपत्तियों से जुड़े कागजात बरामद हुए। जांच में सामने आया कि ये संपत्तियां उनकी घोषित आय की तुलना में काफी अधिक थीं।
चार्जशीट में आय से अधिक संपत्ति का दावा
निगरानी ब्यूरो ने विस्तृत जांच के बाद विशेष अदालत में चार्जशीट दाखिल की। जांच एजेंसी का दावा था कि गुलाम मुस्तफा अंसारी ने अपने सरकारी पद का दुरुपयोग करते हुए अपने, पत्नी और बेटे के नाम पर 49 लाख 3 हजार 963 रुपये की आय से अधिक संपत्ति अर्जित की। इसी आधार पर निगरानी के विशेष लोक अभियोजक ने विशेष अदालत में संपत्ति जब्ती का मुकदमा दायर किया था। अदालत ने सभी पक्षों की सुनवाई के बाद सरकार के पक्ष में फैसला सुनाते हुए संपत्तियों की जब्ती का आदेश जारी कर दिया।
कौन-कौन सी संपत्तियां होंगी जब्त?
अदालत के आदेश के अनुसार पूर्व एसडीओ और उनके परिवार के नाम पर मौजूद कई चल और अचल संपत्तियां सरकार के कब्जे में जाएंगी। इनमें शामिल हैं—
6 लाख 65 हजार रुपये नकद
पटना में 3 जमीन के प्लॉट
किशनगंज में 4 प्लॉट
अररिया में 5 प्लॉट
सारण में 3 प्लॉट
सहारा इंडिया में निवेश
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) में जमा राशि
केनरा बैंक में जमा धनराशि
यानी कुल 15 भूखंडों के साथ विभिन्न वित्तीय संस्थानों में जमा रकम भी सरकार के पक्ष में जब्त की जाएगी।
पटना और सारण से जुड़ा है पूर्व एसडीओ का पता
जानकारी के अनुसार, गुलाम मुस्तफा अंसारी वर्तमान में पटना के शास्त्रीनगर थाना क्षेत्र के समनपुरा में रहते हैं। उनका स्थायी निवास सारण जिले के मशरख में बताया गया है।
भ्रष्टाचार के मामलों में सख्त संदेश
विशेष अदालत का यह फैसला बिहार में भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति के मामलों में एक महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है। कानूनी जानकारों का कहना है कि यदि सरकारी अधिकारी अपनी आय के वैध स्रोत का प्रमाण नहीं दे पाते हैं, तो कानून के तहत उनकी संपत्ति सरकार के पक्ष में जब्त की जा सकती है। इस फैसले को भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश के रूप में भी देखा जा रहा है।