Bihar Cyber Fraud: मधुबनी में साइबर ठगी का एक नया मामला सामने आया है. बासोपट्टी थाना क्षेत्र के एक युवक के बैंक खाते से साइबर ठगों ने महज कुछ मिनटों के भीतर 21 अलग-अलग ट्रांजेक्शन कर 99,697.94 रुपये निकाल लिए. खाते से लगातार रुपये कटने के मैसेज आने के बाद पीड़ित को ठगी की जानकारी हुई. इसके बाद उसने तत्काल बैंक खाते को होल्ड कराया और 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई. मामले में साइबर थाना मधुबनी में प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है.


सुबह-सुबह खाते से कटने लगे रुपये

बासोपट्टी निवासी भोगेन्द्र सहनी के 25 वर्षीय पुत्र ललित सहनी ने पुलिस को दिए आवेदन में बताया कि 4 जुलाई 2026 की सुबह करीब 5:27 बजे उनके मोबाइल पर बैंक खाते से रुपये कटने के लगातार मैसेज आने लगे. पहले 5,000 रुपये, फिर 4,999 रुपये और उसके बाद 4,800 रुपये समेत अलग-अलग रकम के लगातार ट्रांजेक्शन किए गए.


कुछ ही मिनटों में साइबर ठगों ने कुल 21 ट्रांजेक्शन के जरिए उनके खाते से 99,697.94 रुपये निकाल लिए. पीड़ित कुछ समझ पाता, इससे पहले खाते से लगभग पूरी रकम गायब हो चुकी थी.


बैंक खाता होल्ड कराया, 1930 पर की शिकायत

खाते से रुपये कटने की जानकारी मिलते ही ललित सहनी ने तत्काल केनरा बैंक के कस्टमर केयर से संपर्क किया और अपना बैंक खाता होल्ड कराया. इसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई. शिकायत के बाद उन्हें दो शिकायत संख्या जारी की गई.


बैंक से ट्रांजेक्शन की जानकारी जुटा रही पुलिस

साइबर थानाध्यक्ष सह डीएसपी अंकुर कुमार ने बताया कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है. पुलिस बैंक से सभी ट्रांजेक्शन का विवरण और तकनीकी जानकारी जुटा रही है. यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि रकम किन खातों में भेजी गई और साइबर ठगों ने किस माध्यम से इन ट्रांजेक्शन को अंजाम दिया.


पुलिस इस मामले में बैंक खातों, ट्रांजेक्शन और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर साइबर ठगों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है.


छोटे-छोटे ट्रांजेक्शन से ठगी का नया तरीका

पुलिस के अनुसार, साइबर ठग अब एक साथ बड़ी रकम निकालने के बजाय कई छोटे-छोटे ट्रांजेक्शन कर रहे हैं. इससे बैंक की निगरानी प्रणाली को चकमा देने की कोशिश की जाती है. मधुबनी में पिछले कुछ समय से साइबर ठगी के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हुई है और पिछले एक महीने में करीब एक दर्जन से अधिक मामले सामने आ चुके हैं.