Bihar News: मधुबनी जिले के बेनीपट्टी नगर स्थित अंबेडकर चौक-अनुमंडल रोड पर बने एक निजी अस्पताल में प्रसूता की मौत के बाद जमकर बवाल हो गया। गुस्साए परिजनों ने अस्पताल परिसर में शव रखकर घंटों प्रदर्शन किया और डॉक्टर पर गंभीर आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया, जबकि अस्पताल परिसर को एहतियातन पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया।
मृतका की पहचान रहिका थाना क्षेत्र के डुमरी गांव निवासी संजय चौपाल की 24 वर्षीय पत्नी काजल देवी के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि काजल देवी करीब 10 दिन पहले अपने मायके हरलाखी प्रखंड के सोनई गांव आई हुई थी। इसी दौरान प्रसव पीड़ा होने पर 28 मई को परिजनों ने उन्हें बेनीपट्टी स्थित ज्योत्स्ना आरोग्य निकेतन में भर्ती कराया था।
परिजनों के मुताबिक अस्पताल में ऑपरेशन के जरिए काजल देवी ने एक स्वस्थ पुत्र को जन्म दिया। परिवार में खुशियों का माहौल था, लेकिन कुछ ही घंटों बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। आरोप है कि हालत गंभीर होने पर अस्पताल प्रबंधन ने आनन-फानन में उन्हें दरभंगा रेफर कर दिया।
इसके बाद परिजन उन्हें दरभंगा के एक निजी अस्पताल में लेकर पहुंचे, जहां लगातार दो दिनों तक इलाज चला। बताया गया कि अत्यधिक रक्तस्राव होने के कारण उन्हें चार यूनिट खून भी चढ़ाया गया, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद शनिवार देर रात उनकी मौत हो गई।
मौत की खबर मिलते ही परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। मृतका की ननद काजल कुमारी ने बेनीपट्टी थाना में आवेदन देकर अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि ऑपरेशन एक ऐसी महिला द्वारा किया गया जो डॉक्टर नहीं हैं और इलाज में भारी लापरवाही बरती गई। परिजनों का आरोप है कि इसी लापरवाही के कारण काजल देवी की जान चली गई।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि जब परिवार के लोगों ने इलाज को लेकर सवाल उठाया तो अस्पताल की ओर से कुछ लोगों को बुलाकर उनके साथ मारपीट की गई। इस आरोप के बाद मामला और अधिक गरमा गया।
रविवार को परिजन शव को दरभंगा से सीधे अस्पताल परिसर लेकर पहुंचे और न्याय की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। अस्पताल के बाहर भारी भीड़ जमा हो गई और काफी देर तक हंगामा चलता रहा। इससे पहले शनिवार रात भी अस्पताल में तोड़फोड़ की घटना होने की बात सामने आई है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बेनीपट्टी के डीएसपी अमित कुमार, पुलिस इंस्पेक्टर नीरज कुमार वर्मा, थानाध्यक्ष शिव शरण साह, सीओ अभिषेक आनंद समेत बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। परिजन दोषियों की गिरफ्तारी और हत्या का मामला दर्ज करने की मांग पर अड़े रहे।
काफी समझाने-बुझाने और प्रशासनिक आश्वासन के बाद पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मधुबनी सदर अस्पताल भेजा। कई घंटे की मशक्कत के बाद स्थिति पर नियंत्रण पाया जा सका।
वहीं दूसरी ओर अस्पताल की संचालक एवं प्रबंधक विभा कुमारी ने भी बेनीपट्टी थाना में आवेदन देकर परिजनों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके अनुसार मृतका के परिजनों ने अस्पताल से पांच लाख रुपये की रंगदारी मांगी थी। रकम नहीं देने पर अस्पताल में तोड़फोड़ की गई, कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार किया गया और जान से मारने की धमकी दी गई।
अस्पताल प्रबंधन का यह भी दावा है कि पूरे मामले को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है और उनके खिलाफ लगाए गए आरोप निराधार हैं।
स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के अनुसार संबंधित निजी अस्पताल के पास विभागीय पंजीकरण मौजूद है। फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों द्वारा दिए गए आवेदनों के आधार पर मामले की गहन जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों और आरोपों की सच्चाई सामने आ सकेगी।
(मधुबनी से कुमार गौरव की रिपोर्ट)