Bihar News: बिहार के मधुबनी जिले से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने एक बार पारिवारिक रिश्तों में बढ़ते अविश्वास पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि एक पोते ने अपने ही जिंदा दादा की जमीन को फर्जी तरीके से बेच दिया और रजिस्ट्री भी करा दी। अब 81 वर्षीय बुजुर्ग न्याय के लिए दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन कहीं से राहत नहीं मिल रही है।


पूरा मामला रहिका थाना क्षेत्र के सौराठ गांव का बताया जा रहा है। पीड़ित नीलांबर झा, जो वर्तमान में दिल्ली में पूजा-पाठ का काम करते हैं, उनका कहना है कि उनके ही परिवार के एक पोते शिवम झा ने नशे की हालत में यह पूरा खेल रच दिया। आरोप है कि शिवम झा शराब और नशीले पदार्थों का आदी है और अक्सर बुरी संगत में रहता है।


पीड़ित का कहना है कि पोता लंबे समय से घर में मनमानी कर रहा था। कभी खेत का फसल बेच देता था, तो कभी पेड़ तक की बिक्री कर देता था। लेकिन इस बार उसने सारी हदें पार कर दीं।


जानकारी के मुताबिक, 7 मई 2026 को शिवम झा ने कथित रूप से गांव की जमीन, जो दान और केवाला के माध्यम से नीलांबर झा के नाम पर दर्ज थी, उसे एक भूमाफिया गणेश झा के नाम मधुबनी रजिस्ट्री कार्यालय में रजिस्ट्री कर दिया। आरोप है कि यह पूरी प्रक्रिया बिना दादा की जानकारी और अनुमति के की गई।


जैसे ही यह मामला सामने आया, भूमाफिया गणेश झा उस जमीन पर कब्जा करने के लिए पहुंच गया। इससे गांव में तनाव की स्थिति पैदा हो गई। जब इसकी जानकारी नीलांबर झा को मिली, तो वे तुरंत दिल्ली से अपने गांव पहुंचे और मामले की शिकायत अधिकारियों से की।


पीड़ित ने रहिका अंचलाधिकारी, जिलाधिकारी और एसपी को आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने अपने आवेदन में खाता संख्या 111, खेसरा संख्या 1318 और 1009 समेत अन्य जमीनों का विवरण भी दिया है, जो उनके अनुसार वैध रूप से उनके नाम दर्ज हैं।


नीलांबर झा का कहना है कि उन्होंने कई बार प्रशासनिक अधिकारियों के पास आवेदन दिया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उनके आवेदन कथित तौर पर दफ्तरों में धूल फांक रहे हैं।


वहीं, पीड़ित ने रहिका थाना और पुलिस अधीक्षक को भी आवेदन देकर सुरक्षा की मांग की है। उनका आरोप है कि भूमाफिया की ओर से उन्हें लगातार मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा है और जानमाल के नुकसान का डर भी सता रहा है।