Bihar Health News: मधुबनी के जयनगर में स्वास्थ्य विभाग की टीम अवैध अल्ट्रासाउंड सेंटर की जांच करने पहुंची थी. इसी दौरान टीम की नजर पास में चल रहे एक निजी नर्सिंग होम पर पड़ी. नर्सिंग होम के संचालन को लेकर भी अनियमितता की सूचना थी. टीम के पहुंचने की भनक लगते ही संचालक अपने स्टाफ के साथ अस्पताल में ताला लगाकर मौके से फरार हो गया. इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अस्पताल का ताला तोड़कर अंदर जांच की, जहां दवा दुकान, बेड और कई अन्य स्वास्थ्य सामग्री मिली.


मामला जयनगर थाना क्षेत्र में किसान भवन के सामने का है. स्वास्थ्य विभाग की टीम को यहां अवैध तरीके से अल्ट्रासाउंड सेंटर चलाए जाने की सूचना मिली थी. इसी सूचना के आधार पर टीम जांच के लिए पहुंची थी. जांच के दौरान आसपास के संस्थानों को भी देखा जा रहा था. इसी क्रम में टीम की नजर एक निजी नर्सिंग होम पर पड़ी.


स्वास्थ्य विभाग की टीम कार्रवाई करती, उससे पहले ही नर्सिंग होम संचालक को छापेमारी की भनक लग गई. आरोप है कि संचालक ने आनन-फानन में अस्पताल में ताला लगाया और अपने स्टाफ के साथ वहां से निकल गया. बताया जा रहा है कि जाते समय कुछ उपकरण भी साथ ले जाए गए.


ताला तोड़कर अस्पताल के अंदर पहुंची टीम

संचालक और स्टाफ के मौके से चले जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अस्पताल का ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया. टीम ने अस्पताल के अलग-अलग हिस्सों की जांच की. इस दौरान वहां दवा दुकान, मरीजों के लिए लगाए गए बेड और कई अन्य स्वास्थ्य सामग्री मौजूद मिली.


मौके से मिले सामान और अन्य साक्ष्यों को टीम ने अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है. अब स्वास्थ्य विभाग यह पता लगाने में जुटा है कि निजी नर्सिंग होम का संचालन किस आधार पर किया जा रहा था और वहां मरीजों के इलाज के लिए निर्धारित नियमों और मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं.


जयनगर बाजार सहित मधुबनी जिले के कई इलाकों में निजी नर्सिंग होम के संचालन को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं. आरोप लगते रहे हैं कि कुछ जगहों पर जरूरी मानकों का पालन किए बिना निजी अस्पताल और नर्सिंग होम चलाए जा रहे हैं. ऐसे संस्थानों में इलाज के दौरान जच्चा-बच्चा की मौत के बाद हंगामा होने के मामले भी सामने आते रहे हैं.


स्वास्थ्य विभाग की ओर से समय-समय पर ऐसे संस्थानों के खिलाफ जांच और छापेमारी की जाती है. लेकिन कार्रवाई से पहले ही संचालकों के मौके से फरार हो जाने की घटनाएं भी सवाल खड़े करती हैं. स्थानीय स्तर पर यह आरोप भी लगाया जाता रहा है कि छापेमारी की जानकारी पहले ही संबंधित संचालकों तक पहुंच जाती है.


नाम और बोर्ड बदलकर दोबारा शुरू करने का आरोप

स्थानीय लोगों का आरोप है कि कार्रवाई के बाद कुछ संचालक दूसरे नाम और नए बोर्ड के साथ दोबारा नर्सिंग होम का संचालन शुरू कर देते हैं. ऐसे में नियमों का पालन किए बिना चलने वाले संस्थानों में इलाज कराने वाले मरीजों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी रहती है.


इस बार स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जिस नर्सिंग होम में जांच की है, वहां मिले सामान और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है. जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि नर्सिंग होम का संचालन किन नियमों के तहत किया जा रहा था और वहां कौन-कौन सी अनियमितताएं सामने आती हैं.


सिविल सर्जन ने क्या कहा

मामले को लेकर सिविल सर्जन डॉ. हरेन्द्र कुमार ने बताया कि जयनगर में अवैध अल्ट्रासाउंड के साथ-साथ अवैध तरीके से निजी अस्पताल का संचालन किए जाने की सूचना पर कार्रवाई की गई थी. छापेमारी के दौरान मौके से कुछ साक्ष्य मिले हैं. इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है.