Fake Currency Racket: बिहार के मधुबनी जिले में पुलिस ने एक बड़ी और सुनियोजित कार्रवाई करते हुए जाली नोट छापने और उसकी सप्लाई करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने दो अपराधियों को गिरफ्तार किया है और उनके पास से कुल ₹6,44,000 की नकली भारतीय करेंसी बरामद की गई है। इस पूरे मामले की जानकारी जिले के पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार ने प्रेस वार्ता के दौरान विस्तार से दी। उन्होंने बताया कि यह कार्रवाई जिले में अपराध नियंत्रण की दिशा में एक बड़ी सफलता है।


गुप्त सूचना पर हुई त्वरित कार्रवाई

यह पूरा मामला 15 मार्च 2026 की रात का है। करीब 8:10 बजे पुलिस को एक विश्वसनीय गुप्त सूचना मिली कि मधुबनी रेलवे स्टेशन के पास एक व्यक्ति भारी मात्रा में नकली नोट लेकर पहुंचने वाला है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए।


सदर डीएसपी अमित कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। नगर थाना पुलिस के सहयोग से रेलवे स्टेशन के दोनों निकास द्वारों पर सघन जांच अभियान चलाया गया। आने-जाने वाले हर व्यक्ति पर कड़ी नजर रखी जा रही थी, ताकि संदिग्ध गतिविधियों को तुरंत रोका जा सके।


संदिग्ध युवक की गिरफ्तारी

करीब 10:25 बजे एक युवक स्टेशन के गेट नंबर-02 की ओर आता दिखाई दिया। पुलिस की मौजूदगी देखकर वह घबरा गया और अचानक पीछे मुड़कर भागने की कोशिश करने लगा। इससे पुलिस का शक और गहरा हो गया।


पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए उसे मौके पर ही पकड़ लिया। पूछताछ में उसने अपना नाम सूर्यदेव कुमार उर्फ सूरज कुमार बताया, जो नालंदा जिले का निवासी है। जब उसके बैग की तलाशी ली गई तो उसमें भारी मात्रा में नकली भारतीय करेंसी नोट पाए गए।


सख्ती से पूछताछ करने पर उसने स्वीकार किया कि ये सभी नोट जाली हैं। उसने बताया कि वह ये नोट गया जिले के रहने वाले उदल पासवान से लेकर आया था। साथ ही उसने खुलासा किया कि इन नकली नोटों को नेपाल के एक व्यक्ति को सौंपने की योजना थी, जिससे इस गिरोह के अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की भी आशंका जताई जा रही है।


दूसरे आरोपी की गिरफ्तारी

सूर्यदेव कुमार की निशानदेही पर पुलिस ने तुरंत गया जिले में छापेमारी की। इस दौरान दूसरे आरोपी उदल पासवान को गिरफ्तार किया गया। उसके घर की तलाशी के दौरान भी बड़ी मात्रा में नकली नोट बरामद किए गए। पूछताछ में उदल पासवान ने बताया कि वह बोधगया क्षेत्र में किराये के मकान में जाली नोट छापने का काम करता था।


इसके बाद पुलिस ने उसके बताए गए ठिकाने पर छापा मारा, जहां से जाली नोट छापने में इस्तेमाल होने वाले कई उपकरण और असली नोटों के नमूने बरामद किए गए। यह स्पष्ट हुआ कि यह गिरोह काफी समय से संगठित तरीके से नकली करेंसी तैयार कर रहा था।


बरामद सामान का विस्तृत विवरण

पुलिस ने इस कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में नकली करेंसी और उपकरण जब्त किए हैं। बरामद सामग्री में शामिल हैं—

₹500 के 433 नकली नोट

₹200 के 1847 नकली नोट

₹100 के 295 नकली नोट

असली नोट (नमूने के रूप में उपयोग किए जाने वाले)

कलर प्रिंटर मशीन

पेपर कटर मशीन

टेप, स्केल, कैंची, स्टेपलर, रेजर ब्लेड आदि

बरामद नकली नोटों की कुल राशि ₹6,44,000 आंकी गई है, जो इस गिरोह के बड़े नेटवर्क की ओर इशारा करती है।


केस दर्ज, जांच जारी

इस मामले में नगर थाना में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज करते हुए जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की पहचान करने में जुटी हुई है। साथ ही यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस नेटवर्क का विस्तार कहां तक है और इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं।


पुलिस टीम की अहम भूमिका

इस पूरे ऑपरेशन को सफल बनाने में नगर थाना अध्यक्ष, कई सब-इंस्पेक्टर और पुलिसकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। टीम ने पूरी योजना के साथ कार्रवाई करते हुए सही समय पर आरोपियों को पकड़ने में सफलता हासिल की।


आगे की कार्रवाई और पुलिस का संदेश

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। उनके बयान के आधार पर अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है। पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि जिले में अपराध के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।