मधुबनी: बिहार के मधुबनी से एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने कलेक्ट्रेट परिसर से लेकर न्यायालय और सरकारी महकमे तक में चर्चा बढ़ा दी है। जिले के समाहरणालय भवन के एक हिस्से और उससे जुड़ी जमीन की नीलामी होने जा रही है। कोर्ट नजारत की ओर से जारी उद्घोषणा के मुताबिक नीलामी की तारीख 5 नवंबर 2026 तय की गई है। मामला करीब 4.17 करोड़ रुपये के बकाए की वसूली से जुड़ा है।
कोर्ट के आदेश के बाद नीलामी से संबंधित सूचना गुरुवार को मधुबनी समाहरणालय भवन, जिला निबंधन कार्यालय, न्यायालय परिसर और वकालत खाना समेत कई स्थानों पर चस्पा की गई। जैसे ही यह सूचना सार्वजनिक हुई, कलेक्ट्रेट में मौजूद कर्मचारियों और आम लोगों के बीच इसकी चर्चा शुरू हो गई। बताया गया है कि नीलामी में समाहरणालय के दक्षिणी हिस्से की करीब 10 कट्ठा जमीन और उस पर बना दो मंजिला भवन शामिल है। नीलामी उद्घोषणा में इस संपत्ति का खेसरा नंबर 4899 बताया गया है।यह पूरा मामला इजराय वाद संख्या 3/16, यानी राधा कृष्ण एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड बनाम पंडौल कोऑपरेटिव स्पिनिंग मिल्स प्राइवेट लिमिटेड एवं अन्य से जुड़ा हुआ है। इस विवाद में बकाया राशि के भुगतान को लेकर लंबे समय से कानूनी प्रक्रिया चल रही है।
जानकारी के अनुसार, पटना हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति घनश्याम प्रसाद ने बतौर आर्बिट्रेटर रिक्वेस्ट वाद संख्या 7/2012 में राधा कृष्ण एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के पक्ष में आदेश दिया था। इसके तहत संबंधित बकाया राशि का भुगतान किया जाना था। आरोप है कि आदेश के बावजूद ब्याज समेत कुल 4 करोड़ 17 लाख 24 हजार 459 रुपये का भुगतान नहीं किया गया। इसके बाद बकाया राशि की वसूली को लेकर न्यायालय में कार्रवाई आगे बढ़ी। 27 अगस्त 2026 को न्यायालय की ओर से कुर्की और नीलामी से संबंधित आदेश पारित किया गया। अब इसी आदेश के तहत संपत्ति की नीलामी की तारीख तय की गई है।
गुरुवार को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश पवन कुमार पाण्डेय के आदेश पर कोर्ट नाजिर अवधेश कुमार, नायब नाजिर विकास कुमार और अन्य कर्मियों ने समाहरणालय पहुंचकर नीलामी की उद्घोषणा चस्पा की। इसके अलावा जिला निबंधन कार्यालय, कोर्ट परिसर और वकालत खाना में भी सूचना लगाई गई। इस मामले में सरकारी पक्ष की ओर से भी कानूनी कार्रवाई जारी है। जीपी सरोजानंद झा के मुताबिक, सिविल कोर्ट की तत्कालीन प्रधान जिला जज अनामिका टी के आदेश को पटना हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी। 30 सितंबर 2026 को हाईकोर्ट ने अपील खारिज कर दी। अब हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की बात कही गई है।
नीलामी में कौन ले सकेगा हिस्सा?
नीलामी में शामिल होने के लिए इच्छुक खरीदारों को पहले प्रतिभूति राशि जमा करनी होगी। उद्घोषणा के अनुसार संपत्ति के कुल मूल्य 4 करोड़ 17 लाख 24 हजार 459 रुपये का 10 प्रतिशत यानी 41 लाख 72 हजार 445 रुपये 90 पैसे जमा करना अनिवार्य होगा। यह राशि प्रिंसिपल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशन जज, मधुबनी के पक्ष में डिमांड ड्राफ्ट के जरिए सिविल कोर्ट मधुबनी के नजारत कार्यालय में जमा करनी होगी। प्रतिभूति राशि जमा करने के बाद ही इच्छुक व्यक्ति नीलामी प्रक्रिया में हिस्सा ले सकेंगे। कोर्ट मैनेजर सरफराज आलम ने बताया कि नीलामी उद्घोषणा में नीलाम की जाने वाली अचल संपत्ति का पूरा विवरण दिया गया है। नीलामी की अंतिम तारीख 5 नवंबर 2026 निर्धारित की गई है।
गौरतलब है कि यह विवाद नया नहीं है। वर्ष 2025 में भी इसी मामले को लेकर कलेक्ट्रेट की करीब 10 कट्ठा जमीन और दो मंजिला भवन की नीलामी का नोटिस जारी किया गया था। अब एक बार फिर नीलामी की उद्घोषणा जारी होने से यह मामला चर्चा में आ गया है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि 5 नवंबर को होने वाली नीलामी में क्या प्रक्रिया आगे बढ़ती है और क्या कलेक्ट्रेट परिसर के इस हिस्से पर बोली लगती है। फिलहाल कोर्ट की उद्घोषणा के बाद संबंधित संपत्ति की नीलामी की प्रक्रिया निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़ाने की तैयारी है।